हमीरपुर। राज्य आपूर्ति निगम द्वारा लोगों को घर द्वार सस्ता राशन तथा अन्य वस्तुएं उपलब्ध करवाने की योजना टांय-टांय फिस्स हो गई है। इस कारण पायलट आधार पर तीन जिलों में शुरू की गई योजना को बंद करना पड़ा। योजना को बंद करने का मुख्य कारण आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया वाली स्थिति को माना जा रहा है। इसके चलते निगम को योजना से हाथ खींचने पड़े।
राज्य आपूर्ति निगम ने प्रदेश के तीन जिलों हमीरपुर, सोलन तथा कांगड़ा में पायलट आधार पर योजना शुरू की थी जिसके तहत उपभोक्ताओं को उनके घर द्वार पर निगम द्वारा वाहनों के माध्यम से सस्ते दामों पर राशन उपलब्ध करवाया जाना था। निगम ने अगस्त माह में योजना का विधिवत शुभारंभ किया था जिसके पश्चात नए साल से अन्य स्थानों पर योजना को लागू किया जाना था लेकिन योजना ट्रायल में ही फेल हो गई।
सूत्र बताते हैं कि हमीरपुर में योजना के तहत निगम का प्रतिदिन का खर्च 3500 से 4000 रुपए के बीच बैठ रहा था, जबकि प्रतिदिन की आय 2000 रुपए से लेकर 2500 रुपए तक हो रही थी। दूसरी ओर सस्ते राशन डिपुओं में भी फर्क पड़ा था। इस कारण दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा था। हालांकि योजना को जारी रखने, सफल बनाने के लिए प्रबंधन ने प्रदेश कार्यालय से पिक अप उपलब्ध करवाने की मांग की थी जिससे गाड़ियों पर होने वाले खर्च को कम किया जा सके लेकिन मांग पर विचार नहीं हो सका। इसके बाद योजना पर विराम लगा दिया गया। उधर, राज्य आपूर्ति निगम धर्मशाला के एरिया मैनेजर (अतिरिक्त कार्यभार हमीरपुर) एएस तोमर का कहना है कि पायलट आधार पर योजना शुरू की गई थी लेकिन सफलता न मिलने के कारण योजना को बंद कर दिया गया था।
तीन दर्जन वस्तुएं की थी सूची में शामिल
निगम ने वाहनों के माध्यम से उपभोक्ताओं को आटा, दालें, चावल, मसाले, घी, माचिस, तेल, साबुन, डिटरजेंट, सहित प्रतिदिन उपयोग होने वाली करीब तीन दर्जन वस्तुओं को आपूर्ति करने का निर्णय लिया था। वस्तुएं उपभोक्ताओं को सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाई जानी थी।