हमीरपुर।...और अब अध्यापकों को चौकीदारी का काम भी दे दिया गया है। पूरा दिन, पूरी रात बैठकर अध्यापकों को ईवीएम की निगरानी करनी पड़ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि पूरी रात जागकर काटने वाला अध्यापक दिन में कक्षाएं कैसे पढ़ाएगा। दिन में ड्यूटी बजाने वाला अध्यापक शाम को कक्षाएं ले नहीं सकता। एक-दो दिन की बात होती तो माना जा सकता था, लेकिन अध्यापकों की एक-एक सप्ताह के लिए तैनाती की गई है।
मसला यह है कि मतदान प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात जिला के पांचों विस क्षेत्रों की ईवीएम को दो स्थानों ब्वाय स्कूल और बहुतकनीकी संस्थान परिसर में रखा गया है। कड़ी व्यवस्थाओं के चलते सुरक्षा दृष्टि से आईटीबीपी के जवान लगाए गए हैं, तथा सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी के लिए आठ-आठ घंटों (सुबह 6 से 2 बजे तक, दोपहर 2 से रात दस बजे तक तथा रात दस बजे से सुबह 6 बजे तक) के लिए अध्यापकों की तैनाती की गई है। रात्रि ड्यूटी वाले अध्यापकों को अगले दिन विश्राम के लिए कहा जा रहा है। अध्यापक की तैनाती एक-एक सप्ताह के लिए की जा रही है। पढ़ाई का समय चरम पर है, तो ऐसे में शिक्षकों की ड्यूटी लगाना कहां तक उचित है।
शिक्षा की गुणवत्ता के दावों का क्या होने वाला है, समझा जा सकता है। गैर शिक्षकों या अन्य विभागों के कर्मचारियों के जिम्मे भी निगरानी का कार्य लगाया जा सकता था।