हमीरपुर। अब शहर के लोग गीला और सूखा कचरा अलग-अलग गाड़ी में डालेंगे। नगर परिषद हमीरपुर ने इसके लिए गाड़ियों की व्यवस्था कर दी है। सुबह के समय शहर में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां एक साथ चक्कर लगा रही हैं। लोग गीला कचरा अलग गाड़ी और सूखा कचरा अलग गाड़ी मेें फेंक रहे हैं। शहर को और स्वच्छ बनाने के लिए नगर परिषद ने कदम उठाया है। नगर परिषद ने लोगों से शहर को स्वच्छ बनाने के लिए सहयोग देने का आह्वान किया है। नगर परिषद हमीरपुर के सभी वार्डों के बाशिंदे अब गीला कचरा अलग गाड़ी और सूखा कचरा अलग गाड़ी में फेंकेंगे।
गीले कूड़े के लिए हरे रंग की गाड़ी और सूखे कचरे के लिए लाल रंग की गाड़ी चलाई है। इसके साथ लोगों और दुकानदारों को दो डस्टबिन रखने का कहा गया। इसमें गीले कूड़े के लिए अलग और सूखे कचरे के लिए अलग डस्टबिन रखना होगा। इसके बाद इस कूड़े से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में खाद बनाई जाएगी।
नगर परिषद की इस योजना से जहां शहर भी साफ-सुथरा बना रहेगा वहीं, गीला और सूखा कूड़ा अलग होने से खाद बनाने में भी आसानी होगी। गीले कचरे में फल-सब्जी के छिलके, पेड़ की पत्तियां और बचा हुआ खाना आदि शामिल है। जबकि, सूखे कचरे में पेपर, प्लास्टिक, कांच की बोतलें आदि शामिल हैं। नगर परिषद के कर्मचारियों को गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग नहीं करना पड़ेगा। बता दें कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 में नगर परिषद हमीरपुर प्रदेश भर में दूसरे नंबर पर रही है। नगर परिषद की ओर से शहर को स्वच्छ बनाने के लिए डोर-टू डोर कूड़ा उठाने आदि योजनाएं चलाई हैं। इस संबंध में नगर परिषद हमीरपुर के ईओ विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग गाड़ी चलाई गई है। उन्होंने कहा कि लोग इसके लिए नगर परिषद का सहयोग करें।