नादौन(हमीरपुर)। उपमंडल में सोमवार को बारिश के कारण हुई भारी तबाही के 24 घंटे बाद भी जन जीवन पटरी पर नहीं आ पाया है। उपमंडल की आधा दर्जन पंचायतों के करीब 30 गांवों में दो दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। उपमंडल की 18 पेयजल योजनाएं बाढ़ की चपेट में आई हैं। इनमें से सात पेयजल योजनाएं दूसरे दिन भी चालू नहीं हो सकीं। इन पेयजल योजनाओं के अंतर्गत पड़ते करीब तीस गांवों में पेयजल की सप्लाई नहीं हो पाई है। ऐसे में लोगों को पानी के लिए ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
नादौन क्षेत्र में आईपीएच विभाग को गत दो दिनों में वर्षा के कारण करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें से करीब तीस लाख रुपये का नुकसान मंगलवार को हुआ है। गत दो दिनों में विभाग की कुल 18 योजनाएं प्रभावित हुई हैं। जिनमें से 11 योजनाओं को बहाल कर दिया गया है। बाकी सात योजनाओं को 24 घंटे बाद भी बहाल नहीं किया जा सका है। बाढ़ के कारण पेयजल योजनाओं की मशीनरी में तकनीकी खराबी आ गई है जबकि कई उपकरण भी बह गए हैं। लोगों में वीरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, रणजीत सिंह, केवल ठाकुर, विवेक शर्मा, राजन कुमार, विक्की ठाकुर का कहना है कि दो दिनों से नलों में पानी नहीं आ रहा है। ग्राम पंचायत जलाड़ी, भूंपल, दंगड़ी, चोड़ू, बेला और भरमोटी के करीब 30 गांवों के लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने विभाग से समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की है।
इस संबंध में एसडीओ राजेश धीमान का कहना है कि बाढ़ और बारिश से उपमंडल की 18 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई थीं। इनमें से 11 को बहाल कर दिया गया है, जबकि शेष सात की बहाली आगामी दो दिनों में कर दी जएगी। सबसे अधिक नुकसान नौहंगी-भूंपल तथा गौना में बल्ह पटियाला पेयजल योजना को हुआ है। उन्होंने बताया कि योजनाओं को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है ।