फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला मजदूर को नहीं मिली मनरेगा की मजदूरी

विज्ञापन
money
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन

हमीरपुर। मनरेगा में काम करके परिवार का लालन-पोषण करने वाली एक महिला को महीनों से मजदूरी नहीं मिली है। महिला के बैंक खाते में 88 दिनों में से मात्र दो मस्टररोल की ही मजदूरी जमा करवाई गई है। इस संबंध में महिला ने बीडीओ हमीरपुर और उपायुक्त हमीरपुर से भी शिकायत की है। महिला ने प्रशासन से मनरेगा मजदूरी की अदायगी की गुहार लगाई है।

प्रीतो देवी पत्नी प्रेम चंद गांव ठाणा डाकघर डिडवीं टिक्कर जिला हमीरपुर का कहना है कि वह दिहाड़ी से परिवार पाल रही है। वर्ष 2017-18 में उसने मनरेगा के तहत 88 दिन काम किया। इसके बदले उसे मात्र दो मस्टररोल की ही मजदूरी मिली है। जबकि शेष मजदूरी का भुगतान कई महीने बीत जाने के बाद भी नहीं हुआ है।
विज्ञापन


दो मस्टररोल की उसे 3625 रुपये मजदूरी प्राप्त हुई है। अब शेष दिनों की मजदूरी उसके बैंक खाते में नहीं आई है। इससे उसे अपने परिवार का पोषण करना मुश्किल हो गया है। महिला का कहना है कि ग्राम रोजगार सेवक से भी इसकी शिकायत की गई थी, इसके बावजूद मजूदरी नहीं मिली है।
विज्ञापन


इस संबंध में पीओ डीआरडीए सुनील चंदेल का कहना है कि तकनीकी खराबी की वजह से कई बार कंप्यूटर में बैंक अकाउंट संबंधी गलती हो जाती है। इस कारण कुछ मजूदरों को समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि महिला पंचायत स्तर पर त्रुटियों को ठीक करवा सकती है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें