फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अध्यापकों के लिए ही तबादला नियम बनाने का संघ ने किया विरोध

विज्ञापन
विज्ञापन
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ ने सिर्फ प्रदेश के अध्यापकों के लिए ही तबादला नियम बनाने का कड़ा विरोध किया है। इस संदर्भ में हमीरपुर से संघ की कोर कमेटी अध्यक्ष एवं प्रधान जिला हमीरपुर केवल ठाकुर और प्रदेश महामंत्री यशवीर जंवाल ने कहा कि प्रदेश के अध्यापक भी अन्य कर्मचारियों की तरह सरकारी कर्मचारी हैं। उन्हीं के लिए ही ये नियम क्यों हैं, क्या अब अध्यापकों के लिए अलग से सिविल सेवा नियम भी बनेंगे, जो प्रदेश के सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होते हैं। संघ के अनुसार यदि यह नियम लागू किए जाते हैं तो प्रदेश के हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना जैसे जिलों के लगभग 80 फीसदी अध्यापकों को जोन सी, डी और ई, जिनमें कठिन, जनजातीय और अति कठिन क्षेत्र आते हैं, उनमें अनिवार्य रूप से सेवा के लिए जिला से बाहर जाना पड़ेगा। क्योंकि कोई भी अध्यापक नए नियमानुसार अधिकतम सात वर्ष तक ही इन जोनों में सेवा दे सकता है।
विज्ञापन

इन तबादला नियमों को लागू करना सरकार के लिए भी टेढ़ी खीर होगी। क्योंकि दुर्गम या जनजातीय क्षेत्र का कर्मचारी जो वर्तमान में अपने घर के आसपास है, वह भी किसी दूसरे जोन या जिले में घर से दूर सेवा देने के लिए राजी नहीं होगा। इस मौके पर संघ के पदाधिकारियों में प्रदेश उपाध्यक्ष हरिमन शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री विनोद शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप डढवाल, महामंत्री रविदास, कोषाध्यक्ष अजय नंदा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रीतम कौशल, अनिल धीमान, मीडिया प्रभारी दलजीत चौहान, पवन चौहान, अरविंद, राजकुमार, पवन चौहान ने फैसला लिया कि उनका संघ भी अन्य दस अध्यापक संगठनों के साथ मिलकर हमीरपुर से भी अपना लिखित विरोध जिलाधीश के माध्यम से सरकार को दर्ज करवाएंगे। अगर फिर भी इस एक्ट को अध्यापकों पर थोपा जाता है तो आगामी रणनीति सामूहिक रूप से बनाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें