हमीरपुर।
उच्चतर शिक्षा विभाग हमीरपुर के तहत आने वाली पाठशालाओं में लिपिकों के पद खाली हैं। इस कारण स्कूलों के अध्यापकों को लिपिकों का काम निपटाना पड़ रहा है। अध्यापकों की अन्य कार्यों में व्यस्तता के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जिले में 94 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाएं हैं। इनमें से स्वीकृत लगभग आधे से ज्यादा पद खाली चल रहे हैं। वहीं, जिले में वर्तमान में 67 उच्च पाठशाला चल रही हैं। इन सभी पाठशालाओं में लगभग पूरे के पूरे लिपिक के पद खाली चल रहे हैं। विभाग की ओर से कई बार पद भरने का आग्रह करने के बावजूद स्कूलों में खाली चल रहे लिपिकों के पदों को नहीं भरा जा रहा है। इस कारण स्कूलों में लिपिक का कार्य प्रभावित हो रहा है।
विभाग की ओर से सभी उच्च पाठशालाओं में एक लिपिक का पद स्वीकृत किया गया है। वहीं, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में गैर टीचिंग स्टाफ में तीन तरह के पद स्वीकृत हैं। इनमें लिपिक, वरिष्ठ सहायक और अधीक्षक ग्रेड-2 के पद शामिल हैं। कुछ पाठशालाओं में लिपिक के पद पर तो कर्मचारी कार्य कर रहे हैं, लेकिन वरिष्ठ सहायक और अधीक्षक के सभी पद खाली हैं। ऐसे में स्कूलों में लिपिकों के पद खाली होने के कारण पूरा कामकाज ठप हो रहा है।
लिपिकों के पद खाली होने के कारण अध्यापकों पर काम का अधिक बोझ बढ़ गया है। शिक्षकों को लिपिकों का काम निपटाना पड़ रहा है। इस कार्य में व्यस्त रहने के कारण शिक्षक बच्चों की पढ़ाई के लिए कम समय दे पा रहे हैं। इसका असर सीधा परीक्षा परिणामों पर पड़ रहा है। इससे बच्चे पिछड़ रहे हैं। जिले के शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने मांग की है कि स्कूलों में खाली पड़े लिपिकों के पदों को जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि जिले के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक सोमदत्त सांख्यायन का कहना है कि जिले के स्कूलों में लिपिकों के खाली चल रहे पदों के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही विभाग द्वारा खाली पदों पर नियुक्तियां कर दी जाएंगी।