उपमंडल बड़सर के तहत सीलन वाली सड़कों के हालात सुधरने की उम्मीद जगी है। नाबार्ड ने इन सड़कों में सीलन वाले स्थानों में पेवर टाइल्स लगाने के लिए नौ करोड़ की राशि मंजूर हुई है। इसमें 50 से 200 मीटर तक का सीलन वाला भाग पेवर टाइल्स से पक्का होगा।
वाहन चालकों को सीलन वाले स्थानों में बने गड्ढों से राहत मिलेगी। तारकोल से तैयार सड़कें बारिश या सीलन से उखड़ जाती हैं। कारण यह कि बारिश वाले स्थान पर तारकोल नहीं टिक पाता। इन सड़कों में सीलन से पैच वर्क नहीं टिक पाता।
क्षेत्रवासी भी सड़कें उखड़ने की शिकायत करते रहते हैं। उपमंडल के तहत अधिकतर सड़कों के सीलन होने से उखड़ गई हैं। विभाग इन सड़कों में पैच वर्क भी करवा चुका है। इसके बावजूद सड़कों की हालत नहीं सुधर पाई है।
लोक निर्माण विभाग ने इन सड़कों में सीलन वाले स्थानों में पेवर टाइल्स लगाने की योजना तैयार कर इसे नाबार्ड से मंजूरी के लिए भेजा था जिसे मंजूर कर लिया गया है। उपमंडल क्षेत्र की सड़कों में लगभग 200 किमी पेवर टाइल्स लगाई जाएंगी।
इसमें लंबाई में लगभग 50 से 200 मीटर तक सीलन वाले स्थान पेवर टाइल्स से पक्के किए जाएंगे। वाहन चालकों को सड़कों में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री बड़सर दौरे के समय इसका शिलान्यास कर सकते हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधा होगी।
लोनिवि के अधिशाषी अभियंता प्रमोद कश्यप ने बताया कि उपमंडल की सड़कों में सीलन वाले स्थान में पेवर टाइल्स लगाई जाएंगी। नाबार्ड से पेवर टाइल्स लगाने के लिए नौ करोड़ की राशि मंजूर हुई है। विभाग जल्द ही इनके टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा।