हमीरपुर। ईसीएचएस सेंट्रल आर्गेनाइजेशन ने पूर्व सैनिकों को इलाज के लिए पॉलीक्लीनिकों में नहीं मिलने वाली जीवन रक्षक दवाइयों को बाहर से खरीदने पर उन दवाइयों की क्लेम राशि देने की तो सुविधा शुरू कर दी है लेकिन, यह आसान नहीं है। पॉलीक्लीनिकों में लिपिक स्टाफ की कमी के कारण ऐसे क्लेम धारकों का रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है। इस कारण उन्हें समय पर क्लेम राशि मिलने से वंचित रहना पड़ेगा। हालांकि, ईसीएसएच पॉलीक्लीनिकों में स्टाफ इस रिकार्ड को मेंनटेन रखने के लिए कोशिश कर रहा है लेकिन, दिन में 50 से अधिक ऐसे लाभार्थी आने के कारण रिकॉर्ड रखने में मुश्किल हो रही है।
हमीरपुर पॉलीक्लीनिक सहित अन्य पॉलीक्लीनिकों में भी यह समस्या उत्पन्न हो रही है। ऐसे में बाहर से दवाई तो खरीद ली जा रही है लेकिन, अधिसूचना अनुसार अभी तक उसका क्लेम मिलना शुरू नहीं हुआ है। इसका सबसे बड़ा कारण पॉलीक्लीनिकों में स्टाफ की कमी है। ईसीएचएस कार्ड धारक पूर्व सैनिकों को अगर कोई लाइफ सेविंग दवाई पॉलीक्लीनिक में नहीं मिलती है तो वह बाहरी मेडिकल स्टोर से उन दवाइयों को खरीदकर उनका खर्च क्लेम कर सकते हैं। बशर्ते उन्हें ईसीएचएस प्रबंधन से नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होगा और यह दवाइयां 20 हजार राशि तक और 15 दिनों के लिए होनी चाहिए। इस संबंध में ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक हमीरपुर के ऑफिसर इंचार्ज कर्नल कृष्ण चंद का कहना है कि ईसीएचएस सेंट्रल आर्गेनाइजेशन ने यह सुविधा शुरू की है, लेकिन पॉलीक्लीनिक में स्टाफ की कमी के चलते अभी तक पूर्व सैनिकों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान कर लाभ दिया जाएगा।