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नोटिस के बाद भी

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हमीरपुर। जिला हमीरपुर के सात दर्जन निजी स्कूलों पर ताला लटकने वाला है। प्रदेश शिक्षा विभाग ने डिफाल्टर स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए मामला सरकार के पास भेज दिया है। प्रदेश में शिक्षा का हब माने जाने वाला जिला हमीरपुर के 81 निजी स्कूलों ने बार-बार नोटिस के बावजूद शिक्षा विभाग को बच्चों की स्कूल फीस से संबंधित ब्योरा नहीं दिया है। इसके साथ ही 67 निजी स्कूलों ने बच्चों की इनरोलमेंट तो 41 निजी स्कूलों ने ऑडिट रिपोर्ट ने नहीं सौंपी है। जिसके चलते अब इन डिफाल्टर स्कूलों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
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शुक्रवार को एसडी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल दोसड़का हमीरपुर में जिले के निजी स्कूल प्रबंधकों की एक बैठक उच्चतर शिक्षा विभाग के उपनिदेशक जसवंत सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें बाकायदा निजी स्कूल प्रबंधकों को वांछित जानकारी लेकर पहुंचने के आदेश थे। बावजूद इसके कई निजी स्कूल रिकॉर्ड लेकर नहीं पहुंचे थे। बता दें कि जिला हमीरपुर में 129 निजी स्कूल हैं। जिसमें 61 उच्च और 58 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं जो प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं। जबकि 10 निजी स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं। उपनिदेशक जसवंत सिंह ने कहा कि हमीरपुर के 81 निजी स्कूलों ने स्कूल फीस, 67 निजी स्कूलों ने बच्चों की इनरोलमेंट तो 41 निजी स्कूलों ने ऑडिट रिपोर्ट नहीं सौंपी है। उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट बनाकर निदेशालय को भेज दी गई है। निदेशालय से आदेश मिलने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी स्कूलों को एनएसएस की हर माह 2 तारीख को रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा जिले के सभी निजी स्कूलों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप मोबाइल पर बनाया जाएगा ताकि, बैठक और सरकार से प्राप्त होने वाले सभी दिशा-निर्देशों की जानकारी इस ग्रुप में डाली जा सके।

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निजी स्कूलों से यह जानकारी भी मांगी
छात्रों की फीस और अन्य शुल्क, शुल्क में वृद्धि की प्रतिशतता एवं कारण, स्कूलों में वर्दी, किताबें और स्टेशनरी की बिक्री व कारण, ऑडिट रिपोर्ट, अध्यापक स्टाफ की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता, अध्यापकों को दी जाने वाले वेतन की जानकारी मांगी है।
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