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0जट के अभाव में नहीं बना स्कूल भवन, बच्चे बाहर बैठने को मजबूर

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हमीरपुर। जिला मुख्यालय में टाउन हाल के सामने स्थित राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला हमीरपुर के नए भवन का कार्य बजट के अभाव में लटक गया है। निर्माण कार्य तीन माह से ठप होने के कारण बच्चे स्कूल के प्रांगण में बैठने को मजबूर हैं। वर्तमान में स्कूल के पास महज एक कमरा है। एक कमरे में स्कूल की पांच कक्षाएं चल रही हैं। स्कूल में बच्चों की संख्या 171 है लेकिन, उन्हें बैठने के लिए उचित जगह नहीं है। वहीं, स्कूल के पांच अध्यापक भी एक कमरे से बनाए गए स्टाफ रूम में बैठने और एक कमरे और प्रांगण में पांच कक्षाएं पढ़ाने को मजबूर हैं। बारिश और ठंड के दिन में बच्चों को बैठाना स्कूल स्टाफ के लिए मुश्किल हो जाता है। इस दौरान बच्चों को निर्माणाधीन भवन में बैठाया जाता है। जहां न दरवाजे, न खिड़कियां और न ही प्लास्टर हुआ है। इस कारण बच्चों को ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है।
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करीब एक वर्ष पूर्व स्कूल भवन के दो कमरों के निर्माण के लिए विभाग से छह लाख रुपये स्वीकृत हुए। इसके बाद पुराने भवन को हटाकर उसके स्थान पर नए भवन का कार्य शुरू हुआ। तीन माह पूर्व छह लाख रुपये का बजट महज भवन का ढांचा खड़ा करने में ही खत्म हो गया। इसके बाद अभी तक भवन निर्माण को बजट जारी नहीं हो पाया है। जबकि, बच्चों को बाहर धूप में बैठाया जा रहा है। नए भवन में भी दरवाजे, खिड़कियां नहीं है जिस कारण बच्चों को ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है। ठंड और बारिश के दिन 171 बच्चों को एक कमरे में बैठाना स्कूल स्टाफ के लिए आफत बन जाता है। इस संबंध में स्कूल केंद्रीय मुख्य शिक्षक कुसुमा देवी का कहना है कि विभाग को अतिरिक्त बजट की डिमांड भेजी गई है। बच्चों को पुराने भवन के एक कमरे, बरामदे और नए भवन के निर्माणाधीन कमरों में बैठाया जाता है। इस संबंध में उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कुलदीप कुमार का कहना है कि स्कूल को भवन निर्माण के लिए छह लाख रुपये जारी हुए थे। जिनसे भवन निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो सका है। स्कूल की तरफ से अतिरिक्त बजट का एस्टिमेट निदेशालय भेजा गया है। जैसे ही बजट जारी होगा, स्कूल भवन का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
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