हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश मुख्याध्यापक-प्रधानाचार्य अधिकारी संवर्ग की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर शिमला में 10 जुलाई को होगी। इसमें सरकारी स्कूलों में बच्चों की गिरती संख्या, गुणात्मक शिक्षा, सरकार की ओर से प्रधानाचार्याें, मुख्याध्यापकों और उपनिदेशकों के पदों को न भरने के शिक्षा पर प्रभावों, पूर्व सैनिकों की दोबारा नियुक्ति पर पूर्व सेवाकाल को जोड़ने के निर्णय को लागू करना और वर्ष 2008-17 तक नियुक्त प्रधानाचार्य को स्थायी नियुक्ति प्रदान करना आदि विषयों पर चर्चा की जाएगी।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष विजय गौतम ने कहा कि अक्तूबर 2017 से वर्तमान तक सरकार की ओर से मुख्याध्यापकों और प्रधानाचार्यों की एक भी पदोन्नति सूची नहीं निकाली गई है। आधा शैक्षणिक सत्र निकल जाने के बावजूद प्रदेश में 18 शिक्षा उपनिदेशकों, 217 प्रधानाचार्यों और 160 से अधिक मुख्याध्यापकों के पद खाली चल रहे हैं। इस कारण अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल नहीं करवा रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष और महासचिव ध्रुव पटियाल ने शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से रिक्त पदों को भरने की मांग की है।