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अस्सी फीसदी जंगल जानवरों के लिए अनुकूल नहीं
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बीस फीसदी जंगलों में ही पर्याप्त भोजन
चीड़, खैर के अलावा अन्य पेड़ों की प्रजातियां कम
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। जिले के 80 फीसदी जंगल जानवरों के लिए अनुकूल नहीं है। बीस फीसदी जंगलों में ही जानवरों के लिए पर्याप्त भोजन है। जंगलों में चीड़, खैर के अलावा अन्य पेड़ों की प्रजातियां कम हैं। पेड़ों की प्रजातियां कम होने से जंगलों में जानवरों की संख्या भी कम है। वन्य जीव विभाग की ओर से जिले के जंगलों का सर्वे किया गया था। इसमें अधिकतर जंगल जानवरों के अनुकूल नहीं पाए गए। इन जंगलों में सिर्फ चीड़ और खैर के ही पेड़ हैं। जबकि, अन्य पेड़ों की संख्या बहुत कम है। जंगलों में जानवरों को पर्याप्त भोजन न मिल पाने के कारण वे अन्य जंगलों का रुक कर रहे हैं। इससे जिले के जंगलों में जानवरों की संख्या भी कम हो रही है। दूसरी ओर तेंदुए की बढ़ती दहशत का कारण भी अन्य जानवरों की संख्या में कमी हो रही है। जंगलों में अन्य जानवरों के कम होने से तेंदुए को पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा है। इस कारण वह रिहायशी इलाकों में ज्यादा दिखाई दे रहा है। इस संबंध में वन्य प्राणी मंडल हमीरपुर के डीएफओ कृष्ण कुमार का कहना है जिले के 80 फीसदी जंगल जानवरों के लिए अनुकूल नहीं हैं। जंगलों में सिर्फ चीड़ और खैर के पेड़ अधिक पाए जाते हैं। अन्य पेड़ों की प्रजातियां नहीं हैं। इससे जानवरों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा है।
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