अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर।
पति की आठ साल पहले मौत हो चुकी है, लेकिन यह महिला गाड़ी चलाकर बच्चों को किसी चीज की कमी महसूस नहीं होनी देती। पति की मौत के बाद खुद सारी जिम्मेवारियां उठाकर बच्चों की परवरिश में जुटी हुई हैं। हम बात कर रहे हैं जिला मुख्यालय के साथ लगते दुलेहड़ा गांव के रेनू शर्मा की। रेनू शर्मा की शादी वर्ष 1999 में हमीरपुर के संजय शर्मा से हुई थी। उनके दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा जब पांच साल का था तो रेनू शर्मा के पति की बीमारी के चलते मौत हो गई। उस वक्त छोटा बेटा महज तीन साल का था।
पति की मौत के बाद रेनू शर्मा पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और चुनौतियों और मुश्किलों का डटकर सामना किया। पति की मौत के बाद परिवार के भरण-पोषण की चिंता के चलते रेनू शर्मा ने पहले गाड़ी चलाना सीखी। इसके बाद ट्रांसपोर्ट से आने वाले सामान को शहर की दुकानों में सप्लाई करना शुरू कर दिया। हाल में उन्होंने महिंद्रा पिकअप खरीदी है। खुद गाड़ी चलाकर परिवार की गाड़ी को चला रही हैं। अभी रेनू का बड़ा बेटा आर्यन शर्मा नौवीं और छोटा बेटा हर्शिल सातवीं में पढ़ता है। कड़ी मेहनत कर रेणू शर्मा ने मकान बनाने के लिए भूमि खरीदी और उसके बाद घर बनाया। रेणू शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि मुश्किलों और परिवार की जिम्मेवारियों ने उन्हें मजबूत बनाया है।