हमीरपुर। अनुबंध आधार पर 15 मई 2003 से पूर्व नियुक्त लगभग 40 अध्यापकों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को हमीरपुर विधायक नरेंद्र ठाकुर से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई 2003 पूर्व नियुक्त अनुबंध अध्यापक समन्वय समिति के राज्य संयोजक चंद्रमोहन, जिला संयोजक, दिनेश कुमार, मोहन शर्मा व राजेंद्र शर्मा ने की। इस अवसर पर चंद्रमोहन ने कहा कि इन अध्यापकों की नियुक्ति आरएंडपी नियमों के तहत अनुबंध आधार पर सरकार द्वारा की गई है। जिन्हें 8, 10 या 11 साल बाद नियमित किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके हित में पूनम देवी बनाम राज्य सरकार सीडब्ल्यूपी 520 ऑफ 2015 तथा नरेंद्र नायक बनाम राज्य सरकार केस संख्या 6785 ऑफ 2008 सुप्रीम कोर्ट से फैसला 2015 में आ चुका है। लगभग 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी उपरोक्त फैसले को अभी तक सरकार द्वारा लागू नहीं किया गया है। जिसमें इन अनुबंध अध्यापकों के सेवाकाल को पुरानी पेंशन के लिए जोड़ने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस लाभ को प्राप्त करने के लिए सैकड़ों ही अध्यापकों ने कोर्ट केस किया है। चंद्रमोहन ने कहा कि उक्त अनुबंध अध्यापकों की नियुक्ति 15 मई 2003 से पहले होने के बावजूद भी उन्हें पुरानी पेंशन के हक से दूर रखा गया है। विद्या उपासकों के मामले में इसी तरह के फैसले को लागू कर दिया गया है। इस मौके पर विधायक नरेंद्र ठाकुर ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को आगामी विधायक दल की बैठक में रखेंगे। इस अवसर पर लक्की शर्मा, विनोद चौहान, संजीव शर्मा, शशि शर्मा, विजय रविकांत, सुदर्शन, राजेंद्र कटोच आदि ने विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री से सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को जल्द सभी अध्यापकों पर लागू करने की मांग की है।