हमीरपुर। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग हमीरपुर ने शहर में पानी और सीवरेज की दरों में 20 से 30 फीसदी की वृद्धि कर उपभोक्ताओं का बजट बिगाड़ दिया है। कई गुणा बढ़ोतरी से शहर के लोगों में आक्रोश है। शहरवासियों ने आईपीएच विभाग से पानी व सीवरेज के बिलों में की गई बढ़ोतरी का हिसाब मांगते हए आंदोलन की चेतावनी दी है। हालांकि आईपीएच विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पूर्व में छह-छह माह के अंतराल में पानी और सीवरेज के बिल आवंटित किए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार उपभोक्ताओं को आठ माह का बिल सौंपा गया है। जिसके चलते उपभोक्ताओं को समझने में दिक्कतें आ रही हैं।
नगर परिषद हमीरपुर के 11 वार्डों में चार हजार से अधिक परिवार रहते हैं। आईपीएच विभाग ने शहर के अधिकतर घरों में पानी के मीटर लगावाए हुए हैं। कुछ परिवारों में अभी तक मीटर नहीं लग पाए। शहरवासियों चंद्रशेखर, सुशील शर्मा, सुरेश कुमार और विनोद कुमार का कहना है कि बरसात में गादयुक्त पानी आने से अधिकतर पानी की मीटर खराब हो चुके हैं। जिसके चलते बीते तीन सालों से आईपीएच विभाग उनसे फ्लैट में करीब 633 रुपये छमाही बिल वसूल कर रहा था। यानी मासिक बिल 113 रुपये और सीवरेज का 57 रुपये के हिसाब से अदायगी की जा रही थी। 8 मई 2016 को उन्होंने पानी का 633 रुपये और सीवरेज का 317 रुपये बिल का भुगतान किया। इसके बाद 25 नवंबर 2016 को पानी का 685 रुपये बिल, 14 जून 2017 को 694 रुपये पानी का बिल भरा है। अब 22 फरवरी को उन्हें पानी का 1005 रुपये और सीवरेज का 503 रुपये बिल सौंपा गया है। हर छह माह के बाद 50 रुपये की बढ़ोतरी पानी के बिल में हो रही है। उपभोक्ताओं ने कहा कि सालाना 10 फीसदी बिल बढ़ता है और पानी बिल का पचास फीसदी सीवरेज बिल आता है। यहां विभाग हर छह माह बाद बिल में बढ़ोतरी कर रह है। उधर, आईपीएच विभाग हमीरपुर के एसडीओ राकेश गर्ग का कहना है कि सालाना 10 फीसदी बढ़ोतरी होती है। उन्होंने कहा कि शहर में अधिकतर लोगों के पानी के मीटर खराब पड़े हैं। उपभोक्ताओं को शीघ्र मीटरों की ठीक करने व नए मीटर लगवाने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग ने बिल में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। बीते माह चुनाव ड्यूटी व स्टाफ कम होने के चलते इस बार आठ माह का बिल दिया जा रहा है।