हमीरपुर। सीटू से संबंधित राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बुधवार को हमीरपुर जिला के आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में मिड-डे मील की सेवाएं प्रभावित हुई। जिला के आंगनबाड़ी वर्कर्स, हेल्पर्स और मिड-डे मील वर्कर्स उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने और सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर सुविधाओं की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे। सबसे अधिक असर नादौन ब्लॉक, सुजानपुर और भोरंज में देखने को मिला। इन तीन ब्लॉकों में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिनभर ताले लटके रहे। जिसके चलते इन ब्लॉकों के अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले नौनिहाल बुधवार को अपने अपने घर पर ही रहे। आंगनबाड़ी केंद्रों में न तो पढ़ाई हुई और न ही पौष्टिक आहार मिला। जबकि हमीरपुर में 90 फीसदी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे लेकिन इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर बिझड़ी और टौणीदेवी ब्लॉकों में शून्य रहा।
इन दो ब्लॉकों में सभी आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहे। इसी तरह बिझड़ी और टौणीदेवी ब्लॉकों के अंतर्गत चलने वाले स्कूलों में मिड-डे मील योजना पर भी कोई असर नहीं दिखा। शेष चार ब्लॉकों भोरंज, हमीरपुर, नादौन और सुजानपुर के स्कूलों में चलने वाली मिड-डे मील योजना पर आंशिक असर देखने को मिला। जिला के अधिकांश स्कूलों में मिड-डे मील वर्कर्स हड़ताल में भाग लेने से पहले ही दोपहर के भोजन की व्यवस्था कर गए थे। कुछ स्कूलों में मिड-डे मील वर्कर्स द्वारा बनाए गए भोजन को स्कूल के अध्यापकों ने वितरित किया। उधर, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी बंदना चौहान ने कहा कि जिला में जिन केंद्रों पर आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स हड़ताल के कारण केंद्र पर नहीं आए हैं, उनका रिकॉर्ड विभाग के शिमला स्थित निदेशालय से मांगा गया है। विभाग ने जिला की सारी रिपोर्ट भेज दी है।
इन ब्लॉकों में यह रही स्थिति-
जिला हमीरपुर में कुल 1341 आंगनबाड़ी वर्कर्स और 1326 आंगनबाड़ी हेल्पर कार्यरत हैं। जिनमें से 791 आंगनबाड़ी वर्कर्स और 790 हेल्पर बुधवार को हड़ताल पर रहीं। नादौन में सभी 286, सुजानपुर के सभी 123 और भोरंज के 229 में से 221 आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। बिझड़ी के सभी 273 और टौणीदेवी के 247 आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहे। इसी तरह नादौन में तीन स्कूलों, भोरंज में 59 मिड-डे मील वर्कर्स ने इस हड़ताल में भाग लिया, जिसके चलते दोपहर के भोजन में आंशिक परेशानी हुई।