हमीरपुर। प्रदेश में आचार संहिता की बंदिशें खत्म हो गई हैं। आचार संहिता के हटने से जिला में बंद पड़े विकास कार्य फिर से पटरी पर लौटने वाले हैं। प्रदेश में 68 दिन पहले 12 अक्तूबर को विधानसभा चुनावों की घोषणा हुई थी। विस चुनावों की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई। जिसके चलते जिला हमीरपुर में भी विकास कार्य रोकने पड़े। विस चुनाव की घोषणा से पहले जिला हमीरपुर में दर्जनों विकास कार्यों के शिलान्यास मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किए थे। जिनके बाद में विभागीय औपचारिकता पूरी करने के बाद टेंडर होने थे लेकिन इस बीच आचार संहिता लगने से इन प्रोजेक्टों के टेंडर नहीं हो पाए।
वहीं कुछेक विकास कार्यों के पूर्व में हुए टेंडरों के कार्य आवंटित करने से भी चुनाव आयोग ने रोक दिए। जिसके चलते लोक निर्माण विभाग, आईपीएच विभाग, बिजली बोर्ड, नगर परिषद, हिमुडा समेत कई विभागों के 68 दिन तक कोई नया काम नहीं हो पाया। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों में होने वाली नई नियुक्तियां और तबादले आदि भी नहीं हो पाए। बुधवार को आचार संहिता के खत्म होने के बाद विकास कार्य पटरी पर लौटने की उम्मीद है। उधर, लोनिवि के एक्सईएन एनपीएस चौहान ने कहा कि लोनिवि की एक दर्जन स्कीमें आचार संहिता के कारण बंद पड़ी थीं, जिन्हें अब मूर्त रूप दिया जाएगा। इसके अलावा रूटीन के कार्य चले हुए थे।
जिला में यह विकास कार्य पड़े हैं ठप
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर के अतिरिक्त भवन का निर्माण, सुजानपुर की नागलंबर सड़क, ख्याह से भटेहड़ा सड़क व पुल, रोपा घनोटनसा सड़क व पुल, टाउन की पेयजल स्कीम, लंबलू की पेयजल स्कीम समेत नगर परिषद के कई विकास कार्य बंद पड़े हैं। जिनके पूर्व में बजट समेत प्रस्ताव पास हो चुके हैं।