हमीरपुर। सर्व कर्मचारी यूनियन हमीरपुर के पदाधिकारियों ने कहा कि ठेके पर चल रही बसों के मालिक (वैट लीजिंग) मालामाल हो रहे हैं। निगम को ठेकेदारी प्रथा से काफी नुकसान हो रहा है। इन बसों में सवारी बैठे या न बैठे निगम को पैसे देने ही पड़ते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि इन बसों को तुरंत बंद किया जाए।
प्रधान राजू राम शर्मा, महासचिव सुरेंद्र पटियाल, अध्यक्ष किशोर कुमार, उपाध्यक्ष दिनेश कुमार, वरिष्ठ उपप्रधान सतीश कुमार, उपप्रधान सुभाष चंद, सहसचिव रवि ठाकुर, संगठन मंत्री जसवीर पटियाल, कोषाध्यक्ष रजिंद्र, विरेंद्र, जसपाल, सुनील आदि ने कहा कि पूर्व सरकार के समय यह बसें अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए चलाई गई थीं। लेकिन, यह वर्तमान सरकार के समय भी दौड़ रही हैं। इससे निगम को घाटा उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर यह बसें बंद की जाएं तो निगम को फायदा होगा। इन बसों में डीजल एचआरटीसी की तरफ से ही भरा जाता है। पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार इस ओर ध्यान दे और निगम में चालकों और परिचालकों की कमी को दूर करे। इससे निगम को लाभ होगा। उन्होंने कार्यशालाओं में मेकेनिकों की कमी को भी पूरा करने और पीसमेल कर्मचारी जिनकी अनुबंध समय अवधि पूरी हो चुकी है, उनकी अनुबंध आधार पर तैनाती करने की मांग उठाई है।