हमीरपुर। सड़क पर बारिश के दौरान भवनों का पानी फेंकने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सड़क और लोगों को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे भवन मालिकों के खिलाफ प्रशासन सख्त हो गया है। सड़क को पहुंचने वाले नुकसान की भरपाई अब इन भवन मालिकों से होगी। जिला प्रशासन ने बरसात के मौसम में सड़कों पर भवन की छतों का पानी फेंकने वाले मकान और दुकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग को ऐसे भवन मालिकों की सूची तैयार कर सड़क को पहुंचे नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ‘अमर उजाला’ ने 12 जुलाई के अंक में बरसात के मौसम में भवनों का पानी सड़कों पर फेंकने से पेश आ रही परेशानियों से संबंधित समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिला प्रशासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बीते माह ही लोक निर्माण विभाग ने गांधी चौक हमीरपुर से लेकर भोटा चौक तक मॉल रोड पर नई टारिंग की है। इस पर करीब 15 लाख से अधिक खर्च आया है। लेकिन, माल रोड के साथ कई भवन मालिक बरसात का पानी सड़कों पर फेंक रहे हैं। जिससे माल रोड से गुजरने वाले राहगीरों को परेशानी हो रही है। साथ ही कई जगह पानी के प्रेशर से टारिंग को नुकसान पहुंच रहा है। उधर, अतिरिक्त उपायुक्त हमीरपुर रतन गौतम ने कहा कि भवन मालिक सीधे सड़कों पर बरसात का पानी नहीं फेंक सकते। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। लोनिवि को इस बारे में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नगर परिषद से भी मांगी रिपोर्ट : एसडीएम
एसडीएम शिल्पी बेक्टा ने कहा कि बारिश के दौरान छत का पानी सड़कों और गलियों के रास्तों में फेंकने की शिकायत मिली है। इस बारे में नगर परिषद को ऐसे मकान मालिकों और दुकानदारों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। गली और फुटपाथ के दोनों तरफ ऊंचे भवन बनने के बाद छतों से गिरने वाले पानी के कारण कई रास्ते कूहलों में तबदील हो रहे हैं। जिससे लोगों को गलियों से निकलना मुश्किल हो रहा है। नियमों की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई होगी।