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बारह स्कूलों को चेतावनी, पढ़ाने का तरीका सुधारें वरना कार्रवाई

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क्लास - फोटो : demopic
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उमेश कुमार शर्मा
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हमीरपुर।
शिक्षा विभाग के निरीक्षण विंग ने जिले के कई स्कूलों की जांच की। इसमें 50 स्कूलों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई। अब शिक्षा निदेशालय ने इनमें से 38 स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा है, जबकि 12 स्कूलों को निदेशालय ने चेतावनी दी है। इन 12 स्कूलों में आठ वरिष्ठ माध्यमिक और चार माध्यमिक पाठशालाएं शामिल हैं। निरीक्षण विंग ने जिला के 294 स्कूलों का निरीक्षण किया है।

स्कूलों में एक सौ सीनियर सेकेंडरी, 41 हाई स्कूल, 31 मिडल स्कूल और 122 प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। इन सभी स्कूलों में से 50 स्कूलों में निरीक्षण के दौरान खामियां पाई गईं। इनमें से 85 फीसदी स्कूलों में अध्यापकों के पढ़ाने का तरीका प्रभावी नहीं है। निरीक्षण विंग की लिखित और मौखिक परीक्षा में ज्यादातर स्कूलों के बच्चे असफल रहे। इसके अलावा जिला के ज्यादातर स्कूलों में एक्टीविटी बेसड लर्निंग की भी कमी पाई गई। कुछ स्कूलों में बच्चों के रिपोर्ट कार्ड भी समय पर अभिभावकों तक नहीं पहुंचाए गए। ऐसी सब कमियों वाले स्कूलों की रिपोर्ट बनाकर शिक्षा उपनिदेशक निरीक्षण ने शिक्षा निदेशालय को प्रेषित की।
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निदेशालय ने 38 स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है जबकि आठ वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के प्रधानाचार्यों और चार मिडल स्कूलों के मुख्याध्यापकों को चेतावनी दी है। इस संबंध में शिक्षा उपनिदेशक निरीक्षण विंग अजय पटियाल का कहना है कि जिला में 294 स्कूलों का निरीक्षण किया गया है। इनमें से 50 स्कूलों में कई खामियां पाई गई हैं। ऐसे स्कूलों से शिक्षा निदेशालय ने स्पष्टीकरण मांगा है। 12 स्कूलों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जिला के 85 फीसदी अध्यापक प्रभावी लेक्चर डिलवर करने में भी नाकाम रहे हैं। शिक्षा गुणवत्ता को सुधारने के लिए निरीक्षण विंग समय समय पर स्कूलों में औचक निरीक्षण करता रहता है।

संतोषजनक जवाब न देने पर चेतावनी
शिक्षा निदेशालय से 38 स्कूलों को मिले स्पष्टीकरण नोटिस में स्कूलों में जो खामियां पाई गईं हैं वह खामियां क्यों है इसे बारे में जवाब मांगा गया। जिन स्कूलों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया उन्हें विभाग ने चेतावनी दी है। जिला के ऐसे 12 स्कूल हैं। चेतावनी में विभाग स्कूल प्रधानाचार्य या मुख्याध्यापक के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगा। इसमें उक्त स्कूल प्रमुख की पदोअवनति, पे स्केल कम भी हो सकता है। इसके अलावा विभाग कोई अन्य कार्रवाई भी कर सकता है।
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पढ़ाने के तरीके पर आपत्ति
जिला के स्कूलों के 85 फीसदी अध्यापक जिनका लेक्चर संतोषजनक नहीं पाया गया है उनका निरीक्षण टीम ने टीचिंग मेथड, बच्चों से पारस्परिक संवाद, टीचिंग क्वालिटी, टॉपिक डिलीवरी, ब्लैक बोर्ड का इस्तेमाल करना, अध्यापन सामग्री का प्रयोग करना आदि गतिविधियों का निरीक्षण किया। इन गतिविधियों में जिला के 294 स्कूलों के 85 फीसदी अध्यापकों में खामियां पाई गई हैं।
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