हमीरपुर। विधानसभा क्षेत्र बड़सर के तहत आते धंगोटा और पपलोह गांव के बाशिंदे बस रूट को लेकर आपस में उलझ गए। मामले ने काफी तूल पकड़ा और करीब पौना घंटा तक बस में सवार यात्रियों ने निगम की बस को रोके रखा और चक्का जाम कर दिया। यह मामला शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे का है। जब एचआरटीसी हमीरपुर डिपो की बस बिझड़ी के सब्जी मंडी चौक पर पहुंची तो कुछ यात्री इस बस को धंगोटा के बजाय वाया पपलोह ले जाने की जिद्द पर अड़ गए। लेकिन, धंगोटा के ग्रामीणों ने इस बस का रूट वाया धंगोटा होने का तर्क देते हुए बस को बीच सड़क पर रोक दिया।
काफी देर तक बस के चालक-परिचालक के साथ दोनों गांवों के यात्री बहस करते रहे। इस दौरान बस में सवार यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। हमीरपुर से उखली वाया धंगोटा रूट पर पिछले कई सालों से एचआरटीसी की बस रोजाना दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर हमीरपुर बस स्टैंड से रवाना होती है। यह बस हमीरपुर बस स्टैंड से गलोड़, मैहरे, पुतलाहड़, दरकोटी, गारली, क्यारबाग, बिझड़, धंगोटा होते हुए उखली पहुंचती है। जिसके बाद अगले दिन सुबह उखली से यह बस हमीरपुर के लिए इसी रूट से रवाना होती है। वहीं, रोजाना शाम को ढाई बजे भी हमीरपुर बस स्टैंड से समताना, वाया गलोड़, मैहरे, बिझड़ और पपलोह के लिए बस चलती थी। लेकिन, यह बस वर्तमान में परिचालकों की कमी के चलते काफी दिनों से बंद है। दोपहर ढाई बजे इस बस के बंद होने से यात्री अब पौने दो बजे हमीरपुर-उखली वाया धंगोटा चलने वाली बस से ही जा रहे हैं। शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे जब यह बस बिझड़ पहुंची तो यात्री इस बस को वाया पपलोह ले जाने की जिद्द करने लगे। जबकि बस में लगे बोर्ड पर रूट बोर्ड वाया धंगोटा ही लिखा था। इस पर दोनों गांवों के यात्रियों के बीच और बस स्टाफ के बीच नोकझोंक हो गई। पौना घंटा के बाद हमीरपुर एचआरटीसी डिपो के आरएम के हस्तक्षेप के बाद यह बस वाया धंगोटा रवाना हुई। उधर, एचआरटीसी हमीरपुर डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक लखनपाल ने बताया कि निगम में परिचालकों की कमी है। जिसके चलते इस रूट पर एक ही बस चल रही है। शुक्रवार शाम को यात्रियों ने बिझड़ के सब्जी मंडी चौक पर हंगामा किया था, जिसे बाद में सुलझा लिया गया।