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चकमोह महाविद्यालय में विद्वानों ने पड़े शोघ पत्र

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चकमोह कॉलेज में विद्वानों ने पड़े शोध पत्र
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बिझड़ी (हमीरपुर)। हिमाचल संस्कृत अकादमी के सौजन्य से श्री विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय चकमोह में बुधवार को ज्योतिष एवं कर्मकांड सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में हिमाचल संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ. मस्त राम शर्मा बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. ओम प्रकाश ने सम्मेलन में उपस्थित सभी विद्वानों का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यातिथि ने कहा कि संस्कृत भाषा का प्रचार करने के लिए अकादमी लगातार प्रयास कर रही है।
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हमारे प्राचीन ग्रंथ ऋगवेद, सामवेद, अठारह पुराण, रामायण और महाभारत आदि संस्कृत भाषा में लिखे गए हैं। इसमें भारतीय संस्कृति निहित है। संस्कृत भाषा किसी जाति, धर्म अथवा देश की संपत्ति न होकर विश्व की भाषा है। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी अतीत की विरासत है। इसे हमें वर्तमान में संजोए रखना है। मस्तराम ने कहा कि हिमाचल में संस्कृत भाषा को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिए जाने के लिए प्रयासरत है और संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैैं। इस मौके पर सम्मेलन में आए हुए विद्वानों ने विभिन्न विषयों पर शोध पत्र पड़े।
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