फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानून का सरेआम उल्लंघन, रातोंरात कर दी दुकान की चिनाई

विज्ञापन
कोर्ट के स्टे आर्डर के बावजूद अवैध भवन का किया गया मरम्मत कार्य। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हमीरपुर। जिला मुख्यालय हमीरपुर में कोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद अवैध दुकान की मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। एक दुकानदार ने कानून का उल्लंघन करते हुए रातोंरात तोड़ी गई दुकान की दीवारों की चिनाई करवा ली है। जबकि, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर परिषद और राजस्व विभाग मुंह ताकते रह गया। शिक्षा विभाग की जमीन पर नगर परिषद ने कुछ साल पहले ही दुकानों का निर्माण करवाया था। इसके बाद इन दुकानों को आवंटित भी कर दिया गया, लेकिन शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने इस जमीन की निशानदेही करवाई और अवैध कब्जा पाए जाने पर बीते शुक्रवार को ही दुकान को जेसीबी की सहायता से तोड़ा गया। नौ फरवरी को सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक चली अवैध कब्जा गिराने की प्रक्रिया पहले ही सवालों के घेरे में है। नाटकीय अंदाज में सात घंटे लगाकर सिंगल ईंटों की दुकान के पूरी तरह से नहीं गिरने के पीछे विभाग की मंशा भी लोगों के सामने आ चुकी है। दुकान का पचास फीसदी हिस्सा गिराने के बाद संबंधित दुकानदार कोर्ट से स्टे ऑर्डर ले आया था। इसके बाद प्रशासन ने जर्जर भवन के बाहर अनसेफ का बोर्ड टांग दिया था। लेकिन, गत दिवस ही एसडीएम हमीरपुर अवकाश पर चले गए। इसका फायदा उठाते हुए दुकानदार ने फिर से दुकान की मरम्मत शुरू कर दी। इसकी सूचना प्रशासन के पास पहुंच चुकी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अभी तक मौका देखने की बात ही की जा रही है।
अवैध दुकान से कुछ दूरी पर प्रशासकीय अधिकारी
शिक्षा विभाग की जिस जमीन पर यह अवैध दुकान बनी है, उससे मात्र कुछ दूरी पर उपायुक्त कार्यालय, एडीएम, एसडीएम, तहसील, पुलिस थाना और नगर परिषद का कार्यालय है। जिला मुख्यालय पर स्टे के बावजूद दुकान की मरम्मत होना लोगों की समझ से परे है।
विज्ञापन

क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद के ईओ विनोद शर्मा ने कहा कि उन्हें दुकान की दीवारों को दोबारा से चिनाई करने की सूचना मिल चुकी है। कर्मचारियों को मौका देखने के लिए भेजा गया है। इसके बाद रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी।
विज्ञापन

उपायुक्त हमीरपुर राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि शिक्षा विभाग की जमीन पर बनाई गई दुकान को गिराने के आदेश जारी किए गए थे। बीते शुक्रवार को कुछ हिस्सा गिराने के बाद कोर्ट से स्टे ऑर्डर आ गया। उन्होंने कहा कि स्टे के दौरान किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं हो सकता। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें