हमीरपुर।
क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में अग्निकांड से निपटने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं है। अस्पताल में लगे अग्निशमन यंत्र करीब पांच माह पहले एक्सपाइर हो चुके हैं। इन सिलेंडरों की बीते पांच माह से रिफिलिंग नहीं हुई है। अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग करवाने की तिथि छह जून 2017 निर्धारित थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने पांच माह बीत जाने के बाद भी इनकी फिलिंग नहीं करवाई है। ऐसे में अगर कोई अग्निकांड की घटना होती है तो कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रदेशभर में आपदा प्रबंधन के जागरुकता शिविरों और मॉकड्रिलों का स्वास्थ्य विभाग पर कोई असर नहीं दिख रहा।\
अस्पताल प्रबंधन इस बारे में अंजान है। इस समय में अस्पताल में चार दर्जन के करीब अग्निशमन यंत्र लगे हैं। सभी यंत्रों की फिलिंग पांच माह से नहीं हुई है। जो अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अगर अस्पताल में अग्निकांड हो तो सैकड़ों की संख्या लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज चेकअप करवाने आते हैं।
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अकेले जनरल ओपीडी में ही तीन सौ के करीब मरीज रोजाना उपचार के लिए आते हैं। वहीं अस्पताल में 20 चिकित्सकों सहित करीब तीन दर्जन नर्सें और एक सौ के करीब अन्य पैरामेडिकल स्टाफ सदस्य कार्यरत हैं। सैकड़ों लोगों की सुरक्षा के अलावा अस्पताल में स्थापित मेडिकल उपकरण और रिकॉर्ड भी आग की भेंट चढ़ सकता है।
लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस बारे में नहीं सोच रहा है। उधर, क्षेत्रीय अस्पताल की एमएस डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि अग्निशमन यंत्रों के सप्लायर को यंत्रों की फिलिंग और यंत्रों की सप्लाई करने के ऑर्डर दो माह पहले दे दिए गए हैं। एक दो दिन में नए अग्निशमन यंत्र अस्पताल पहुंच जाएंगे और यंत्रों की फिलिंग भी करवा दी जाएगी।