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पीटीए और पैरा को नियमित के बराबर वेतन पर भड़के बेरोजगार शिक्षक

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डिडवीं टिक्कर (हमीरपुर)। प्रदेश भाजपा सरकार की ओर से पीटीए और पैरा शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के बराबर वेतन देने के निर्णय के बाद बेरोजगार प्रशिक्षित अध्यापक भड़क गए हैं। सरकार के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बीएड और टेट पास बेरोजगार अध्यापक संघों ने इसे आरएंडपी नियमों के विपरीत और प्रशिक्षित अध्यापकों के साथ भद्दा मजाक बताया है। शिक्षा विभाग में चयन आयोग के माध्यम और बैचवाइज आधार पर टीजीटी और पीजीटी अध्यापकों की भर्ती होती रही है।
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आरएंडपी नियमों के विपरीत भर्ती किए गए पीटीए और पैरा टीचरों को कई बार बेरोजगार संघ बैक डो एंट्री बताते रहे हैं। बेरोजगार अध्यापकों लता कुमारी, चंद्रशेखर, अनिल कुमार, संदीप शर्मा, सुनील कुमार, सतीश ठाकुर और प्रदीप कुमार ने बताया कि वह वर्षों से बीएड, टेट समेत स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त कर बेरोजगार बैठे हुए हैं। सरकार कई बार प्रदेश में वित्तीय स्थिति खराब होने का तर्क दे चुकी है। लेकिन, सरकार नियमों के विपरीत नियुक्त पीटीए और पैरा टीचरों को फायदा पहुंचाने में लगी हुई है।
नियमित शिक्षकों के सामान वेतन की घोषणा से अब पीटीए और पैरा टीजीटी का वेतन अब 33,916 रुपये जबकि पीजीटी का वेतन 35,380 रुपये हो जाएगा। जबकि, वर्तमान में अनुबंध पर सेवाएं दे रहे टीजीटी को महज 18,400 रुपये, जबकि पीजीटी अनुबंध को 19,750 रुपये मासिक वेतन ही मिल रहा है। वर्तमान में भी बीएड, टेट उत्तीर्ण प्रशिक्षित अध्यापकों की टीजीटी और पीजीटी के पदों पर भर्तियों चयन आयोग और बैचवाइज आधार पर हो रही हैं लेकिन, पीटीए और पैरा टीचरों को देख परीक्षाएं उत्तीर्ण कर भर्ती होने वाले यह अनुबंध अध्यापक अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। विधानसभा चुनावों से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल समेत अन्य नेताओं ने भाजपा सरकार में अनुबंधकाल को 3 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष करने और अनुबंधकाल को वरिष्ठता में जोड़ने की घोषणा की थी। बेरोजगार अध्यापकों ने प्रदेश सरकार से प्रशिक्षित अध्यापकों को प्राइमरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में नियुक्तियां प्रदान करने और अनुबंध काल 2 वर्ष करने की गुहार लगाई है।
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