हमीरपुर।
न्यायालय और पुलिस के बाद जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) के दो प्रधानाचार्यों की बीच की लड़ाई अब ट्रेजरी विभाग तक पहुंच गई है। पुराने प्रधानाचार्य का जिला कोष विभाग से वेतन जारी होने के बाद अब नए प्रधानाचार्य ने भी जिला कोष विभाग में अपने वेतन को लेकर दावा ठोक दिया है। इसके चलते अब दोनों प्रधानाचार्यों के वेतन पर रोक लगने की संभावना बढ़ गई है।
कोषाधिकारी ने प्रदेश शिक्षा विभाग के सचिव को चिट्ठी लिखकर इस बारे में मार्गदर्शन करने की मांग की है। जब तक शिक्षा सचिव से कोई रिपोर्ट नहीं आती, तब तक दोनों प्रधानाचार्यों के वेतन पर रोक लग सकती है। बता दें कि 13 मार्च को डाइट गौना करौर के प्रधानाचार्य जगदीश कौशल का यहां से तबादला आदेश जारी हुए थे। उनकी जगह शिमला के एक स्कूल में प्रधानाचार्य के पद पर सेवाएं दे रहे राजेंद्र पाल का डाइट के लिए तबादला हुआ था।
लेकिन राजेंद्र पाल के ज्वाइन करने के अगले ही दिन जगदीश कौशल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल से स्टे आर्डर की कॉपी ले आए थे। इसके बाद राजेंद्र पाल भी उच्च न्यायालय पहुंच गए। उच्च न्यायालय से राजेंद्र पाल को स्टे मिलने के बाद उन्होंने दोबारा डाईट में ज्वाइन किया। इस समय एक पद पर दो प्रधानाचार्य सेवाएं दे रहे हैं। इस बीच दोनों प्रधानाचार्यों के बीच कुछ सप्ताह पूर्व झगड़ा हो गया। इसकी शिकायत पुलिस थाना नादौन में भी पहुंच चुकी है। लेकिन अब कोष विभाग के इस फरमान के बाद मामला काफी गर्मा गया है।