हमीरपुर। पड़ोसी से दुश्मनी मोल कर जिला मुख्यालय हमीरपुर के एक होटल मालिक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के आदेशों के बाद जिला प्रशासन ने होटल मालिक पर शिकंजा कस दिया है। प्रारंभिक जांच के लिए पहुंची प्रशासन की टीम को होटल में कई नियमों की अवहेलना मिली है। होटल मालिक ने होटल निर्माण के समय धरातल मंजिल को पार्किंग दर्शाया है, जबकि होटल बनने के बाद कई सालों से यहां मैरिज पेलेस एवं सभागार चल रहा है।
पार्किंग की जगह का कमर्श्यल प्रयोग कर जहां प्रदेश सरकार को हाउस टैक्स के रूप में चूना लगा रहा है, वहीं टीसीपी नियमों की भी अवहेलना हो रही है। इसके साथ ही होटल में वर्तमान में जितने कमरे चल रहे हैं, उसके मुताबिक होटल मालिक को अपना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाना पड़ सकता है। होटल मालिक दो दर्जन से अधिक कमरों के शौचालयों को सीधे शहर की सीवरेज लाइन से नहीं जोड़ सकता। इसके साथ ही होटल के बाहर भी अब कई तरह की कंस्ट्रक्शन हो चुकी है, जो होटल निर्माण के समय नक्शे में पास नहीं है। मानव अधिकार आयोग ने जिला प्रशासन को नक्शे के विपरीत बने होटल के हिस्से को गिराने के साथ जांच रिपोर्ट शीघ्र आयोग में जमा करवाने के आदेश दिए हैं। उधर, अतिरिक्त उपायुक्त हमीरपुर रतन गौतम ने कहा कि इस मामले की जांच एसडीएम हमीरपुर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट को मानव अधिकार आयोग को भेज दिया गया है।