हमीरपुर। जिला मुख्यालय के साथ लगते प्लानिंग और ग्रीन एरिया में करोड़ों रुपये के भू-सौदे की रिपोर्ट उपमंडलाधिकारी नागरिक हमीरपुर अरिंदम चौधरी ने उपायुक्त हमीरपुर को सौंप दी है। सैकड़ों कनाल भूमि पर बिना मंजूरी प्लॉटिंग के मामले ने अब गति पकड़ ली है। वहीं प्लॉट खरीदने वाले लोगों ने भी डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी कोई राहत न मिलने पर अब कानूनी कार्रवाई का मन बना लिया है। खरीदारों ने अब इस मामले में पुलिस में केस दर्ज करवाने की बात कही है। इनका कहना है कि कारोबारियों और राजस्व विभाग ने प्लॉट बिक्री के समय ग्रीन और प्लानिंग एरिया की जानकारी छुपाई है। जिसके चलते अब वह इस भूमि पर मकान का निर्माण नहीं कर पा रहे। खरीदार अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने बीते सप्ताह राजस्व विभाग, नगर परिषद, बिजली बोर्ड, आईपीएच विभाग को एनओसी जारी करने पर रोक लगा दी है। इससे पहले भी प्रशासन राजस्व विभाग को शेष बचे प्लॉटों की रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने के आदेश जारी कर चुका है। जिला प्रशासन की कार्रवाई तेज होने के बाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। उधर, एसडीएम हमीरपुर अरिंदम चौधरी ने कहा कि ग्रीन और प्लानिंग एरिया में हुए भूमि सौदे की रिपोर्ट उपायुक्त हमीरपुर को सौंप दी है। अब आगामी कार्रवाई उपायुक्त हमीरपुर ही करेंगे। उधर, उपायुक्त हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा ने कहा कि एसडीएम से भूमि सौदे की रिपोर्ट मिल चुकी है। रिपोर्ट को स्टडी करने के बाद सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस बारे में लीगल डिपार्टमेंट से भी सलाह मांगी गई है।