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विधायक कमलेश ने किया औचक निरीक्षण, अव्यवस्था पर हुई नाराज

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हमीरपुर। विधानसभा क्षेत्र भोरंज की विधायक कमलेश कुमारी ने वीरवार को क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर हमीरपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला अस्पताल में अव्यवस्था पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक को स्वास्थ्य सेवाएं में सुधार लाने के निर्देश दिए। विधायक जब हड्डी रोग वार्ड में पहुंची तो वहां पर भर्ती मरीज 49 वर्षीय करतार चंद ने बताया कि 10 अप्रैल को शटरिंग का काम करते हुए उनकी टांग टूट गई।
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उपचार के लिए उन्हें हमीरपुर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर चिकित्सक ने उन्हें ऑपरेशन के लिए कहा। ऑपरेशन का सामान खरीदा जा चुका है, लेकिन 9 दिन बीत जाने के बाद भी उनका ऑपरेशन नहीं किया जा रहा। वहीं नादौन निवासी रिशु ने बताया कि उनका ऑपरेशन हो चुका है। वह बीपीएल परिवार से हैं और स्मार्ट कार्ड भी है। इसके बावजूद उनसे बाहर से दवाइयां व अन्य सामान मंगवाया जा रहा है। इस पर विधायक ने संबंधित चिकित्सा स्टाफ से जवाब तलब किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से खाली पदों के बारे में जानकारी ली और कहा कि वह इन पदों को शीघ्र भरने के लिए मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से बात करेंगी। वहीं उन्होंने अस्पताल में भर्ती आधा दर्जन गरीब मरीजों को अपनी जेब से आर्थिक मदद भी प्रदान की। उधर, अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अर्चना सोनी ने कहा कि बेहोशी के डॉक्टर के छुट्टी पर जाने के कारण ऑपरेशन रुके हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्राइवेट एनस्थीसिया वाले चिकित्सक से भी इस बारे बातचीत की गई, लेकिन वह सेवाएं देने के लिए तैयार नहीं हुए।

अस्पताल में अव्यवस्था, मेडिकल कॉलेज के सपने
मेडिकल कॉलेज की तैयारी में जुटा प्रदेश स्वास्थ्य विभाग जिला अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं जुटाने में नाकाम साबित हो रहा है। चिकित्सकों की कमी से तो यह अस्पताल पहले ही जूझ रहा है। अस्पताल के वार्डों में भारी सीलन की वजह से उपचार के लिए आए मरीजों को अन्य बीमारियों का भय सता रहा है। जिला अस्पताल प्रशासन ने लाखों रुपये खर्च कर कई वार्डों में एयर कंडीशनर लगाए हैं। लेकिन यह ऐसी दीवारों पर सीलन के चलते खराब होने की कगार पर हैं। इनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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मेडिकल स्टोर में डिस्कांउट का कोई बोर्ड नहीं-
क्षेत्रीय अस्पताल में अव्यवस्था को देख लगता है जिला अस्पताल प्रशासन ने मानों आंखों पर पट्टी बांध ली हो। अस्पताल के धरातल पर स्थित मेडिकल स्टोर को बीते एक वर्ष से बाहर शिफ्ट करने की तैयार चल रही है। इस बारे में चिकित्सा अधीक्षक मेडिकल स्टोर संचालक को करीब आधा दर्जन रिमाइंडर भी भेज चुकी हैं लेकिन अभी तक दुकान बाहर शिफ्ट नहीं हुई। वहीं मेडिकल स्टोर के बाहर सर्जिकल और अन्य दवाइयों पर छूट की कोई सूचना अंकित नहीं है। जिससे मरीज परेशान हो रहे हैं। सर्जिकल मदों पर 30 से 40 फीसदी तक डिस्कांउट दिया जाता है।
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