हमीरपुर। जेबीटी संस्थान (डाईट) गौना करौर में दो प्रधानाचार्यों की लड़ाई का शिकार अब संस्थान का एक अकाउंटेंट भी हो गया है। जिला हमीरपुर के 67 स्कूलों में चल रही कंप्यूटर लैब के लिए 14.74 लाख रुपये जारी करने पर पुराने प्रिंसिपल ने अकाउंटेंट को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही नए प्रिंसिपल को भी नोटिस जारी कर संस्थान के कार्यों में हस्तक्षेप न करने के लिए कहा गया है। दो प्रधानाचार्यों की लड़ाई में अकाउंटेंट को घसीटने से मामला काफी गर्मा गया है।
वहीं अकाउंटेंट ने भी देरी न करते हुए शुक्रवार को ही नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि 14 मार्च को शिमला जिला के एक स्कूल से ट्रांसफर होकर राजेंद्र पाल शर्मा ने डाईट में बतौर प्रधानाचार्य ज्वाइन किया और जगदीश कौशल को इस पद से रिलीव कर दिया गया। जिसके बाद जगदीश कौशल हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में चले गए। कौशल को स्टे मिलने के बाद राजेंद्र पाल प्रदेश उच्च न्यायालय चले गए जहां से डबल बैंच ने उन्हें स्टे देते हुए अपनी ड्यूटी बतौर प्रधानाचार्य जारी रखने के आदेश दिए। प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत प्रारंभिक और उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक ने एसएसए व आरएमएसए के प्रोजेक्टों को भी जारी रखने के निर्देश दिए। 15 मार्च को ही राजेंद्र पाल के हस्ताक्षर के नमूने लेकर करौर स्थित पीएनबी शाखा में खाते को ऑपरेशनल बना दिया गया। इसके बाद जिला के 67 स्कूलों को आईसीटी कंप्यूटर लैब के लिए प्रति स्कूल 22 हजार रुपये का भुगतान देय था। जिसके तहत इन स्कूलों को कुल 14 लाख 74 हजार रुपये का भुगतान किया गया। वर्तमान में दोनों प्रधानाचार्य हिप्र प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के स्टे के चलते संस्थान में सेवाएं दे रहे हैं।