हमीरपुर। इस बार राज्यस्तरीय हमीर उत्सव कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम के आयोजन में देरी होने का तर्क देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन न होने के कारण जिलाभर के लोगों में मायूसी छा गई है। पूर्व में आचार संहिता के दौरान चुनाव आयोग ने भी कार्यक्रम के आयोजन को मंजूरी नहीं दी थी। चुनावी आचार संहिता के कारण नवंबर में होने वाला यह कार्यक्रम स्थगित हो गया था। हालांकि अब आचार संहिता खत्म हो गई है, लेकिन अब जिला प्रशासन कार्यक्रम में देरी होने का तर्क दे रहा है। आचार संहिता के दौरान जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग से इस कार्यक्रम को करवाने की स्वीकृति मांगी थी। चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन को कार्यक्रम के आयोजन की स्वीकृति नहीं दी। इसके बाद नवंबर माह में होने वाला यह कार्यक्रम स्थगित हो गया।
हमीर उत्सव कार्यक्रम के आयोजन को लेकर लोगों में असमंजस है। लोगों ने माना था कि आचार संहिता के समापन के बाद जिला प्रशासन इस कार्यक्रम का आयोजन करेगा, लेकिन अब दिसंबर माह का अंतिम सप्ताह लगने को है और प्रशासन कार्यक्रम में देरी होने का तर्क देकर इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं कर रहा है। वहीं अगर जिला प्रशासन जनवरी माह में इस कार्यक्रम का आयोजन करेगा तो हर वर्ष नवंबर माह में होने वाले इस कार्यक्रम का शेड्यूल बिगड़ जाएगा और वर्ष 2018 में दो हमीर उत्सव आयोजित हो जाएंगे, जो संभव नहीं है। उधर, जिला प्रशासन अब हमीर उत्सव को छोड़ सुजानपुर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय होली उत्सव की तैयारियों में लग पड़ा है। हमीर उत्सव में तीन दिन होने वाली सांस्कृतिक संध्याओं में जिला व प्रदेश के कलाकारों सहित कई पंजाबी व बॉलीवुड कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देते हैं। इस दौरान लोग विभिन्न कलाकारों की प्रस्तुतियों का लुत्फ उठाते हैं, लेकिन हमीर उत्सव प्रेमियों को अब अगले वर्ष ही उत्सव का लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा।
उधर, उपायुक्त हमीरपुर संदीप कदम का कहना है कि चुनाव आयोग से हमीर उत्सव के आयोजन की स्वीकृति नहीं मिली थी। अब आचार संहिता समाप्त होने के बाद उत्सव को करवाने में देरी हो गई है। जिला प्रशासन अब अंतरराष्ट्रीय होली उत्सव की तैयारियों में जुट गया है। इस बार हमीर उत्सव का आयोजन नहीं किया जाएगा।