नादौन(हमीरपुर)। स्थानीय कस्बा के प्रमुख खेल स्थल खरीड़ी मैदान का कायाकल्प होने वाला है। मैदान वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाल नादौन के नाम होने के बाद स्कूल प्रशासन ने चारदीवारी लगाने के लिए एस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया है।
वर्षों पहले खरीड़ी मैदान में स्थानीय युवा क्रिकेट, हॉकी और फुटबाल जैसी अन्य खेलें खेला करते थे। स्थानीय लोग भी इस मैदान में घूमने आया करते थे, लेकिन यह मैदान लंबे समय से प्रशासन की अनदेखी का शिकार रहा, जिसके कारण यह एक मैदान न रहकर कूड़ा-कचरा फेंकने का स्थल बन गया। वहीं, यहां वाहनों की पार्किंग भी होने लगी। दशकों पहले शहर के युवाओं तथा स्कूली बच्चों के खेलने का यह एक मात्र मैदान था। पूर्व भाजपा सरकार के शासनकाल में विधायक बाबू राम मंडियाल ने यहां बस अड्डे की योजना बनाकर इसके राजस्व अधिकार पथ परिवहन निगम को स्थानांतरित करवा दिए थे। परंतु शहर के लोगों की आपत्ति के बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। इसके उपरांत नादौन शहर के कुछ प्रबुद्ध लोगों ने प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर कर लंबी प्रक्रिया के बाद इसके राजस्व अधिकार दोबारा स्कूल के नाम करवाए। परंतु इसमें अतिक्रमण और गंदगी को हटाने की व्यवस्था पर अंकुश नहीं लगाया जा सका। अब स्कूल प्रशासन के पास अतिक्रमण को रोकने के लिए बजट की कमी आड़े आ रही है। उधर, स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल तक्खी ने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए मैदान के चारों और चारदीवारी लगाने के लिए प्रारूप तथा एस्टीमेट बनाकर विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजा है। स्वीकृति मिलते ही चारदीवारी का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, लोगों द्वारा मैदान की भूमि कब्जाने के मामले को लेकर उन्होंने कहा कि खेल मैदान की निशानदेही उपमंडलाधिकारी नादौन की उपस्थित में करवाई जाएगी। मैदान की पूरी जमीन कवर की जाएगी।