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500-1000 के नोट बंद होने से 90 फीसदी कारोबार ठप

Thu, 10 Nov 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
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नोट। - फोटो : demo pics
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500 और 1000 रुपये के करेंसी नोट बंद होने से हमीरपुर में 90 फीसदी कारोबार ठप रहा। पुराने नोट मान्य न होने और एकदम से नए नोट न मिलने के चलते जिले में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। कई लोगों के पास छोटे नोट के बजाय बड़े नोट होने के चलते रोजमर्रा की जरूरतें पूरी नहीं कर पाए। अधिकतर लोग अपने पास बचे 100-100 रुपये के नोट को इमरजेंसी जरूरतों को पूरा करने के लिए बचाते दिखे।
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ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, होटल, कपड़ा कारोबारियों ने खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों को 500 और 1000 के करेंसी नोट होने के चलते वापस लौटा दिया। इसके अलावा भवन निर्माण सामग्री, ईंट, बजरी, टाइल्स, मार्बल, सीमेंट और सरिया सप्लाई करने वाले कारोबारियों ने भी ग्राहकों को वापस लौटा दिया। अस्पताल, केमिस्ट और पेट्रोल पंप पर इसका खास असर देखने को नहीं मिला। हालांकि पेट्रोल पंप ऑपरेटरों ने 100, 200, 300 और 400 रुपये लौटाने में दिक्कतें पेश आने से 500 और 1000 रुपये से कम तेल डालने के लिए मना जरूर किया।

अस्पतालों में ऐसे रही परेशानी

क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में रोगियों को पुराने 500 और एक हजार रुपये के नोट पर ही दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं। रोगी प्रताप चंद का कहना है कि कोई भी केमिस्ट पुराने 500 या एक हजार रुपये के नोट लेने से इंकार नहीं कर रहा। बकाया लेने में भी कोई परेशानी नहीं हुई। केमिस्टों में मनु डोगरा का कहना है कि केमिस्ट दुकानों में 500 और एक हजार रुपये के नोट बंद होने का खासा असर देखने को नहीं मिला है। 11 नवंबर तक पुराने 500 और एक हजार रुपये के नोट मान्य हैं।
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यात्रियों को झेलनी पड़ी दिक्कतें
एचआरटीसी की बसों में भी पुराने 500 और एक हजार रुपये के नोट चले, लेकिन यात्रियों को बकाया वापस देने में परेशानी जरूर हुई। आरएम प्रदीप सिंह का कहना है कि ट्रांसपोर्ट सेवा में 11 नवंबर तक पुराने 500 और एक हजार रुपये के नोट मान्य होंगे जबकि निजी बस परिचालकों ने  500 और एक हजार रुपये का नोट लेने से इंकार कर दिया।
पेट्रोल पंप पर यह रही व्यवस्था
हमीरपुर के मिल्खी एंड संस पेट्रोल पंप में भी दिनभर 500 और एक हजार रुपये के नोट चले। रोनिक राणा ने अपनी कार में 800 रुपये का पेट्रोल डलवाना चाहा, लेकिन कर्मचारी संजू ने बकाया देने के लिए छुटे पैसे न होने के कारण 500 या एक हजार रुपये का पेट्रोल डालने की शर्त रख दी। रोनिक को मजबूरन एक हजार रुपये का तेल भरवाना पड़ा। सभी वाहन मालिकों को 500 या एक हजार रुपये का पेट्रोल डलवाना पड़ा। जिन वाहन मालिकों ने पूरे छुट्टे पैसे दिए (800 रुपये देने पर 800 का पेट्रोल/डीजल) उसे ही पेट्रोल दिया गया।

स्थानीय बाजार में भी दिखा असर
कपड़ा व्यापारी अश्वनी जगोता, पंकज राणा का कहना है कि पुराने बड़े नोट बंद होने से कारोबार दिन भर ठप रहा। लोगों में सुनील कुमार, अर्जुन आदि का कहना है कि छुट्टे पैसों की कमी के चलते अब पैसे सोच समझकर खर्च करने पड़ रहे हैं।

विवाद-शादियों में भी दिखा असर
कलंझड़ी देवी के रघुवीर सिंह का कहना है कि मोदी सरकार का निर्णय सही है, लेकिन घर में बेटी की शादी है। गहने, कपड़ा, राशन लेना है, लेकिन पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने से उन पर मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा है। होटल, कैटरिंग और बैंड-बाजे के लिए पैसे देने को भी परेशानी होगी। मोदी सरकार को तत्काल करेंसी बंद करने का निर्णय नहीं लेना चाहिए था।

आरबीआई से नहीं मिले दिशा-निर्देश : नेगी
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया हमीरपुर के मुख्य प्रबंधक एसएस नेगी ने कहा कि 11 नवंबर को बैंक खुलेंगे। अभी तक नई करेंसी नहीं मिली है। पुराने नोट कैसे बदले जाएंगे और एटीएम में क्या व्यवस्था रहेगी, इस बारे में अभी तक आरबीआई से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।
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