हमीरपुर। जिला हमीरपुर में पीलिया रोग का प्रकोप बढ़ने लगा है। बिझड़ी के बाद अब हमीरपुर में पीलिया के नए मरीज सामने आए हैं। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में पीलिया से पाड़ित छह लोग भर्ती हुए हैं। बीते एक सप्ताह में आए इन रोगियों का उपचार अस्पताल में चल रहा है। इनमें से पांच रोगी हैपेटाइटस-ए यानी दूषित पानी पीने के कारण पीलिया के शिकार हुए हैं। इन रोगियों में सोलन में पढ़ाई करने वाले दो छात्रों सहित बिझड़ी क्षेत्र के लोग शामिल हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने पीलिया और जलजनित रोगों से बचाव के लिए एडवाइजरी भी लागू की है। विभाग की ओर से समय-समय पर पीलिया संभावित क्षेत्रों से पानी के सैंपल भरवाए जा रहे हैं। बीते दिनों बिझड़ी क्षेत्र के लोग दूषित पानी के कारण पीलिया की चपेट में आ गए थे। विभाग ने क्षेत्र से पानी के सैंपल भरकर जांच को भेजे हैं और लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह किया है।
हालांकि, अभी भी बिझड़ी क्षेत्र से पीलिया की शिकायत लेकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने पीलिया से बचाव के लिए सावधानी बरतने और पानी उबालकर पीने तथा ताजा भोजन करने की सलाह दी है। इसके साथ ही पीलिया के लक्षण दिखने पर तुरंत डाक्टर को दिखाने का आग्रह किया है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के मेडिसन विशेषज्ञ डॉ. बावेश बरवाल का कहना है कि एक सप्ताह में अस्पताल में पीलिया के छह लोग दाखिल हुए हैं। इनमें से एक को छुट्टी दे दी गई है। जबकि शेष का उपचार चल रहा है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और लक्षण दिखने पर चिकित्सक को दिखाने का आग्रह किया है।
पीलिया के लक्षण
कमजोरी, सिरदर्द, ज्वर होना, आंखों, जीभ और त्वचा का पीला पड़ना, थकावट, भूख न लगना, मिचली होना, पीले रंग का मूत्र आना आदि।
बचाव
पानी उबालकर पीएं, शुद्ध एवं ताजा भोजन करें, नियमित व्यायाम, लक्षण दिखने पर तुरंत डाक्टर को दिखाना, परहेज करना।