हमीरपुर। जिले में मनरेगा लोकपाल का पद खाली होने से मनरेगा में धांधली की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। अन्य अधिकारियों की ओर से शिकायतों पर गई जांच पर भी कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। डीआरडीए कार्यालय हमीरपुर में फरवरी माह से मनरेगा लोकपाल का पद खाली चला हुआ है। मनरेगा लोकपाल मनरेगा कार्यों में हुई धांधलियों पर कार्रवाई करता है। सरकार की ओर से प्रत्येक जिले में दो वर्ष के लिए मनरेगा लोकपाल की नियुक्ति की जाती है लेकिन, हमीरपुर में मौजूद लोकपाल की अवधि पूर्ण होने के बाद फरवरी माह में वे सेवामुक्त हो गए। इसके बाद सरकार ने हमीरपुर में कोई भी मनरेगा लोकपाल की नियुक्ति नहीं की है।
जिले में आए दिन मनरेगा में हो रही धांधलियों की शिकायत लोग कर रहे हैं। जिले में कई पंचायत प्रतिनिधि मनरेगा धांधलियों के कारण सेवा से निलंबित भी हो चुके हैं। मनरेगा में धांधलियों की जांच कर अधिकारी मनरेगा लोकपाल के पास ही उसकी रिपोर्ट देते हैं। जांच के हिसाब से लोकपाल संबंधित पंचायत प्रतिनिधि पर कार्रवाई करता है, लेकिन पद खाली होने से तीन माह से कोई भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इस संबंध में उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी डीआरडीए हमीरपुर केडीएस कंवर का कहना है कि लोकपाल का पद खाली चला हुआ है। सरकार ही इस पर नियुक्ति कर सकती है।