हमीरपुर। प्रदेश शिक्षक मंच ने प्रदेश में आठवीं कक्षा की परीक्षाओं के संचालन के समय में परिवर्तन करने की मांग की है। मंच के प्रदेश संयोजक अश्वनी भट्ट, संजय मोगू, संजीव राणा, तपिश थापा, सुनील राजपूत, विजय शमशेर भंडारी आदि ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में छठी से बारहवीं तक की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं लेकिन, सभी परीक्षाओं का समय अलग-अलग होने के कारण इन परीक्षाओं के प्रबंधन में अध्यापकों की नियुक्तियां करने में परेशानी आ रही है। छठी और सातवीं की परीक्षाएं जहां 10:15 बजे शुरू होंगी, वहीं नवमी और जमा एक कक्षा की परीक्षाएं शाम के सत्र में 1:45 बजे शुरू होंगी। इसी प्रकार दसवीं और जमा दो की परीक्षाओं का समय 8:45 निर्धारित किया गया है। बोर्ड ने आठवीं कक्षा के लिए समय 8:45 निर्धारित किया है जो कि सही नहीं है।
ऐसा करने से पाठशाला में तीन अलग-अलग सत्रों के लिए अलग-अलग अध्यापकों की नियुक्तियां करनी पड़ेंगी। जोकि स्टाफ की कमी से जूझ रही पाठशालाओं के लिए मुश्किल खड़ी कर रहा है। इससे विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड-डे-मील के समय पर भी असर पड़ेगा। स्कूलों में छठी से आठवीं तक मध्याह्न भोजन मिलता है। परीक्षाओं के दौरान यदि छठी और सातवीं के लिए अलग और आठवीं के लिए अलग समय निर्धारित होता है तो ऐसे में जहां छठी सातवीं को एक बजे भोजन देना पड़ेगा वहीं, आठवीं के लिए 12 बजे भोजन तैयार करना पड़ेगा। कक्षाओं के लिए अलग-अलग भोजन पकाना संभव नहीं है। मंच ने बोर्ड से मांग उठाई कि आठवीं कक्षा के मूल्यांकन का समय भी छठी, सातवीं की तरह 10:15 ही रखा जाए। इससे जहां परीक्षाओं के समय मे एकरूपता आएगी वहीं, परिक्षाओं का प्रबंधन और मध्याह्न भोजन योजना का प्रबंधन भी समयानुसार हो पाएगा।