हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति, जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग कर्मचारी कल्याण महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महासचिव ओंकार सिंह भाटिया ने कहा कि महासंघ 13 प्वाइंट आरक्षण से सहमत नहीं है। विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों में 200 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली की व्यवस्था थी तथा विश्वविद्यालय को बेस यूनिट माना जाता था लेकिन, अब हुए परिवर्तन में बेस यूनिट को विश्वविद्यालय नहीं अपितु विभाग को बेस यूनिट बनाया गया है।
जिससे देश के लगभग 50 से अधिक विश्वविद्यालयों में 200 प्वाइंट आरक्षण रोस्टर की जगह 13 प्वाइंट आरक्षण रोस्टर रजिस्टर को लगाया गया है। जिसमें अनुसूचित जनजाति को कोई भी स्थान नहीं है। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग को केवल 3 स्थान तथा अनुसूचित जाति को केवल एक स्थान ही रखा गया है। ऐसे में विश्वविद्यालयों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व पूरी तरह से गिर गया है। भाटिया ने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को भेजे ज्ञापन में यह आग्रह किया है कि उपरोक्त व्यवस्था की समीक्षा की जाए तथा इन वर्गों को राहत देने के लिए तुरंत केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर पुरानी व्यवस्था को बहाल करे।