हमीरपुर। हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान शिमला की ओर से राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा जिला प्रशासन हमीरपुर के संयुक्त तत्वाधान में हमीर भवन में इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) पर तीन दिवसीय जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करवाया जा रहा है। दूसरे दिन आईआरएस मास्टर ट्रेनर राजेश भाटिया ने लंबे समय तक चलने वाले आपदा प्रबंधन को उचित प्लान तैयार करने, सूचना का आदान प्रदान करने तथा उपलब्ध संसाधनों तथा कार्य दल से राहत एवं बचाव कार्यों को कुशलतापूर्वक अंजाम देने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के समय कार्य दलों की सुरक्षा के लिए भी सुरक्षा अधिकारी की ओर से उचित मार्गदर्शन एवं प्रबंधन सुनिश्चित होना चाहिए। राहत शिविरों में गैर सरकारी संगठनों, रेडक्रॉस तथा स्वयंसेवियों की सेवाओं ली जानी चाहिए।
राजेश भाटिया ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं का कोई भी समय नहीं होता। जागरूकता पूर्व एहतियात तथा बेहतर सूचना नेटवर्क तंत्र से समय पर कुशल प्रबंधन के साथ इससे होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। किसी भी प्रकार की आपदा के दौरान उसमें आरंभ से लेकर अंत तक किए गए आपदा प्रबंधन तथा राहत और बचाव कार्यों की उचित डाक्यूमेंटेशन की जानी चाहिए। उन्होंने आपदाओं के दौरान प्लानिंग अनुभाग, ऑपरेशन अनुभाग, संसाधन यूनिट, सिचुएशन यूनिट, मेडिकल यूनिट, फैसिलिटी यूनिट, ग्राउंड यूनिट स्थापित करने तथा इसकी उपयोगिता की भी विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर हिप्पा से देशबंधु कैथ, एसडीएम भोरंज संदीप सूद, जिला राजस्व अधिकारी पवन कुमार शर्मा, गृह रक्षा विभाग की ओर से आशा राम शर्मा, संयोजक डीडीएमए समीक्षा शर्मा के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।