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नजर अंदाज करने से और बढ़ता है अपराध : एएसपी

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हमीरपुर। अमर उजाला की ओर से अपराजिता अभियान के तहत 100-मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हमीरपुर में किया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर बलवीर सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। वहीं, स्वास्थ्य विभाग से डा. पुष्पेंद्र वर्मा और महिला थाना हमीरपुर की प्रभारी रीता बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। एएसपी ने संस्थान की प्रशिक्षु छात्राओं को उनके अधिकारों, पुलिस की कार्यप्रणाली, घरेलू हिंसा अधिनियम, साइबर क्राइम, ऑनलाइन ठगी आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवतियों को किसी भी छेड़खानी या अपराध को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में यह अपराध और बढ़ता है। अगर कोई युवक किसी लड़की को तंग करता है तो वह उसकी शिकायत पुलिस में करे। अगर वह इस अपराध को नजर अंदाज करती हैं तो युवक का हौसला बुलंद होगा और वह उससे भी बड़ा अपराध करेगा। अगर युवतियां कुशल बनेंगी तो महिला सशक्तीकरण स्वयं हो जाएगा। चोरी जैसे घटनाओं को रोकने के लिए अपने गहने या नकदी बैंक लॉकर या घर में किसी सुरक्षित लॉकर में रखें। फोन और सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल करें। इसके साथ उन्होंने वास्तविक अपराध या हिंसा की शिकायत पुलिस में करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी को नीचा दिखाने या जमीन विवाद के चलते झूठी शिकायतें न करवाएं। उन्होंने प्रशिक्षु छात्राओं से अपनी निजी जानकारी या तस्वीरें सोशल मीडिया पर किसी गैर व्यक्ति के साथ शेयर न करने का आग्रह किया। आईटीआई के प्रधानाचार्य अजय गुलेरिया ने कहा कि अमर उजाला का अपराजिता अभियान महिला सशक्तीकरण के लिए अनूठी पहल है।
बाक्स:
हर मिनट में एक महिला होती है साइबर क्राइम की शिकार : रीता
महिला थाना हमीरपुर की एसएचओ रीता ने कहा कि देश में हर एक मिनट में एक महिला साइबर क्राइम का शिकार होती है। उन्होंने प्रशिक्षु छात्राओं को महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम के बारे में जागरूक किया। कहा कि सोशल मीडिया का प्रयोग जरूरत से ज्यादा न करें और अपना यूजर नेम और पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें।
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एनीमिया से बीमारी की चपेट में आती हैं ज्यादातर महिलाएं : डॉ. पुष्पेंद्र
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने प्रशिक्षु छात्राओं को महावारी की समस्या और उसके समाधान के बारे में जानकारी दी। कहा कि एनीमिया सभी रोगों का जनक है। खून की कमी के कारण ज्यादातर महिलाएं बीमारी की चपेट में आती हैं। उन्होंने प्रशिक्षु छात्राओं को आयरन और कैल्शियम का सेवन करने की सलाह दी। उन्होंने हाल ही में लांच हुई हिम केयर योजना के बारे में बताया।

क्या कहती हैं प्रशिक्षु छात्राएं-
शालिनी ने पूछा युवती को ही क्यों बोला जाता है गलत?
प्रशिक्षु छात्रा शालिनी ने मौजूद अधिकारियों से पूछा कि अगर किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई युवक किसी युवती को छेड़ता है और वह उसका विरोध करती है तो लोग ऐसा बोलते हैं कि यह लड़की ही खराब है। ऐसा क्यों? इस पर एएसपी ने कहा कि लोगों का काम बोलना होता है। उनके बोलने से कुछ नहीं बदलता। अगर कोई छेड़खानी करता है तो बिना लोगों की राय सीधे इसकी शिकायत पुलिस में करें।

ग्रामीणों को बताएंगी स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं
प्रशिक्षु छात्रा अलका ने कहा कि कार्यक्रम में स्वास्थ्य संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं। डा. पुष्पेंद्र ने जो योजनाएं बताई हैं, वह उनके प्रति गांव के लोगों और रिश्तेदारों को भी जागरूक करेंगी ताकि पांच लाख तक की स्वास्थ्य सुविधाएं गांव के अन्य लोग भी ले सकें।

साइबर क्राइम के बारे में करेंगी जागरूक
छात्रा तनुजा ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों और साइबर क्राइम से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें एसएचओ रीता ने बताई हैं। जिनके बारे में जानकार वह जागरूक हुई हैं। सोशल मीडिया का अधिक प्रयोग करने वाली सहेलियों को वह साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करेंगी।

घरेलू हिंसा अधिनियम के प्रति करेंगी जागरूक
मंजू बाला ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम के बारे में अन्य महिलाओं को बताएंगी ताकि, इसका शिकार होकर महिलाएं कमजोर न हों, बल्कि ऐसी स्थिति में महिलाएं पुलिस को सूचना दें। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह सशक्त होंगी।

पुलिस में देंगी अपराध की जानकारी
ज्योति शर्मा ने कहा कि किसी भी तरीके के अपराध या हिंसा की जानकारी वह सीधे पुलिस में देंगी ताकि, अपराधियों को सजा मिल सके और वह दोबारा अपराध करने के बारे में न सोचे। इससे अपराध भी कम होगा और अपराधियों में डर भी पैदा होगा।

हेल्पलाइन नंबरों के बारे में करेंगी जागरूक
छात्रा अंकिता का कहना है कि कार्यक्रम में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने की विभिन्न विधियों की जानकारी मिली है। वह अन्य युवतियों और महिलाओं को भी एसएमएस, डाक या गुड़िया हेल्पलाइन के तहत समस्या के समय शिकायत करने के बारे में जागरूक करेंगी ताकि, पुरुषों के डर और घर से न निकल पाने के कारण कोई भी महिला अन्याय न झेलती रहे। उसकी शिकायत पुलिस के पास पहुंचाने वाले माध्यमों के बारे में जागरूक करेंगी।
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