जाहू (हमीरपुर)। प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की बेवसाइट बीते पांच दिनों ठप पड़ी है। जिसके चलते आयोग में विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने वाले हजारों बेरोजगार युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि, प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग आईटी विभाग को पांच रुपये प्रति फार्म ऑनलाइन करने के देता है। इसके बावजूद समस्या का हल नहीं हो पाया है। वेबसाइट के खराब होने का ठीकरा कर्मचारी आयोग के अधिकारी यहां आईटी विभाग पर फोड़ रहे हैं। कर्मचारी आयोग हर वर्ष विभिन्न कर्मचारी वर्ग की प्रवेश परीक्षा के लिए लाखों रुपये फीस के रूप में लेता है। इसके बावजूद वेबसाइट के ठीक न होने से अभ्यर्थियों को समस्याएं झेलनी पड़ती हैं।
पांच जुलाई को आयोग ने अधिसूचना जारी करके प्रारंभिक शिक्षा विभाग में टीजीटी मेडिकल की 132, स्वास्थ्य विभाग में लैब असिस्टेंट एलोपैथी के 102, डेंटल हाइजिनिस्ट के 18, डेंटल मेकेनिक के 46, फूड सेफ्टी ऑफिसर के 19, विद्युत विभाग में कनिष्ठ अभियंता के 222 पद, कृषि विस्तार अधिकारी के सात पद, प्रदेश सचिवालय के लिए 156 लिपिकों के अलावा अन्य विभागों में विभिन्न पदों के लिए अनुबंध के आधार पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। अधिसूचना के अनुसार ऑनलाइन आवेदन भरने की अंतिम तिथि आठ अगस्त निर्धारित की गई है। लेकिन, पांच दिनों से कर्मचारी चयन आयोग की वेबसाइट ठीक न होने से बेरोजगार हर रोज फार्म भरने के लिए साइबर कैफे के चक्कर काट रहे हैं। बेरोजगारों में सुनीता देवी, पुष्पा देवी, कांता देवी, कमला देवी, प्रोमिला, माया देवी, अंचना देवी, श्रेया, साक्षी, सुषमा देवी, पुष्पलता, उर्मिला देवी, हंस राज, सुनील कुमार, अजय कुमार, विनोद कुमार, बंसी राम, परमानंद शर्मा, शेर सिंह, मुस्कान, रवि कुमार, अशोक कुमार, संजय कुमार, अनिता देवी और अन्य का कहना है कि सरकार व चयन आयोग को हर बार ऑनलाइन आवेदन भरने से लाखों युवाओं से करोड़ों रुपये की फीस मिलती है। ऐसे में अच्छा सॉफ्टवेयर डालना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि वेबसाइट की समस्या का स्थायी हल निकाला जाए। उधर, कर्मचारी चयन आयोग के सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर का कहना है कि इस समस्या से आईटी विभाग शिमला को सूचित किया जा चुका है। उन्होंने आईटी विभाग को प्रत्येक फार्म भरने के पांच रुपये देने की पुष्टि करते हुए बताया कि वेबसाइट को सुचारु रूप से चलाने का जिम्मा आईटी विभाग शिमला का है।