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लाभार्थियों ने वर्षों से नहीं चुकाया किराया सरकारी दुकानों की कर दी सबलेटिंग

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हमीरपुर। जिला मुख्यालय हमीरपुर में करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद न तो यह लोग कब्जा छोड़ रहे हैं और न दुकानों का किराया दे रहे हैं। वहीं अधिकतर दुकानदारों ने तो ब्लॉक पंचायत समिति की ओर से आवंटित दुकानों को आगे महंगे रेट पर आवंटित कर दिया है। सालों से पंचायत समिति की दुकानों पर कब्जा जमाकर यह लोग सरकार को किराये के रूप में चूना लगा रहे हैं। ब्लॉक पंचायत समिति हमीरपुर ने देवपाल चौक हमीरपुर और शिव मंदिर हमीरपुर के समीप पंचायत की जमीन पर सालों पहले करीब दो दर्जन दुकानों का निर्माण करवाया था।
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पंचायत समिति ने इन दुकानों को बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध करवाने के मकसद से महज 55 से 70 रुपये मासिक किराये पर आवंटित किया था लेकिन कुछ समय तक बीडीओ कार्यालय में किराया चुकाने के बाद अधिकतर दुकानदारों ने मासिक किराया देना बंद कर दिया। यही नहीं ज्यादातर दुकानदारों ने तो अपने नाम पर आवंटित दुकानों को आगे किसी और को भारी भरकम किराये पर सबलेट कर दिया है। देवपाल चौक और शिव मंदिर के समीप जिस जमीन पर ये दुकानें बनीं हैं, उसकी कीमत वर्तमान में करोड़ों में आंकी जा रही है। जहां पर पंचायत समिति की दुकानें हैं, उसके आसपास निजी दुकानों का मासिक किराया 20 से 25 हजार रुपये है। हालांकि कुछ वर्ष पहले पंचायत समिति ने इस मामले को जिला प्रशासन के समक्ष और अदालत में भी उठाया लेकिन प्रदेश की सत्ता में परिवर्तन के साथ-साथ ग्रामीण विकास विभाग, जिला परिषद, पंचायत समिति के पदाधिकारियों ने भी मामले से हाथ पीछे खींच लिए। साथ ही दुकानदारों ने राजनीतिक पकड़ की धौंस दिखाते हुए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जिसके चलते अब ग्रामीण विकास विभाग इन दुकानों को वापस लेने में लंबे समय से महज माथापच्ची कर रहा है। उधर, खंड विकास अधिकारी हमीरपुर रेखा कुमारी ने कहा कि मामला उनके ध्यान में नहीं है। उन्होंने कहा कि बीडीओ कार्यालय के अधीक्षक से जानकारी हासिल की जाएगी और उसके बाद अगर कोई नियमों के विपरीत कार्य पाया जाता है तो आवश्यक कार्रवाई होगी।
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