हमीरपुर। आपदा में बेघर होने वाले लोगों के लिए बेहतर अस्थायी आश्रय यानी शैल्टर इत्यादि बनाने का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विवि धर्मशाला के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला वीरवार को संपन्न हो गई।
इस कार्यशाला में विभिन्न डिग्री कॉलेजों, अन्य शिक्षण संस्थानों, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनरों ने आधुनिक 3डी और लैगो तकनीक से बनने वाले अस्थायी शैल्टरों के बारे में गहन जानकारी हासिल की।
इस दौरान ब्रिटेन के बर्मिंघम के एस्टन विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को 3डी और लैगो तकनीक की बारीकियां समझाईं। कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करते हुए एडीएम एवं कार्यवाहक उपायुक्त राहुल चौहान ने कहा कि किसी भी तरह की आपदा के बाद प्रभावितों को अस्थायी आश्रय प्रदान करना भी आपदा प्रबंधन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू होता है।
इसके मद्देनजर डीडीएमए हमीरपुर द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यशाला काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। कार्यवाहक उपायुक्त ने 3डी और लैगो तकनीक से तैयार किए गए विभिन्न मॉडलों का अवलोकन भी किया। कार्यशाला के समापन अवसर पर एसडीएम संजीत सिंह और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।