बीईईओ व बीआरसीसी की टीम ने बिझड़ी खंड के 36 निजी स्कूलों की मान्यता संबंधी जांच पूर्ण कर खामियों की रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है। इसके बाद सूची में नामित निजी स्कूलों पर कार्रवाई हो सकती है। इस दौरान कहा गया है कि सभी सरकारी और निजी स्कूलों को फोर्मेटिव मूल्यांकन प्रथम दो पीरियड में करना होगा। जबकि बाकी पूरा दिन स्कूल में शिक्षण कार्य करना होगा। ऐसा देखा जा रहा है कि इस दिन भी विद्यार्थियों के मूल्यांकन के बाद उनको अवकाश दे दिया जाता है। ऐसा करने वाले स्कूल के खिलाफ विभाग कार्रवाई कर सकता है।
शुक्रवार को निजी स्कूलों के शिक्षकों को सीसीई पैटर्न बदलाव संबंधी ओरिएंटेशन प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी गई। बीआसीसी विजय हीर ने बताया कि आरटीई एक्ट के तहत हर विद्यार्थी का मूल्यांकन पोर्टफोलियो बनाना हर स्कूल के लिए अनिवार्य है। इसमें विद्यार्थी की प्रगति के प्रमाण, असाइनमेंट्स यूनिट टेस्ट और अन्य परीक्षा की चेक आंसरशीट भी शामिल होगी।
यह डाटा 18 माह तक सहेजना होगा। स्कूलों में आने वाली निरीक्षण टीम के सदस्य इसके अभिलेखों की पड़ताल करेंगे। हर विद्यार्थी साल में हर विषय की 6 असाइनमेंट अनिवार्य रूप से बनाएंगे। मूल्यांकन का डाटा अलग रजिस्टर में दर्ज होगा। इसके अलावा पहली से आठवीं तक केवल दो सत्र में परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसके पाठ्यक्रम को नियोजित रूप से दो भागों में बांटा जा चुका है। इसकी जानकारी एसएसए वेब पर उपलब्ध है।