बस अड्डा हमीरपुर के समीप निर्माणाधीन अपनी मंडी ग्रामीण हाट भवन। संवाद
हमीरपुर। हमीरपुर में बस अड्डा के साथ बन रहा ग्रामीण हाट भवन शुरू होने से पहले ही बदहाली का शिकार हो गया है। 35 लाख रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना का ढांचा अधूरा पड़ा है, जहां हवा में झूलते सरिये और चारों ओर बिखरी निर्माण सामग्री हादसों को न्योता दे रही है।
निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। लोक निर्माण विभाग ने इस कार्य को मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन समयसीमा बीतने के बावजूद निर्माण अधूरा है। निर्माण कार्य से जुड़े पक्ष का कहना है कि बजट का भुगतान समय पर न होने के कारण काम बीच में रोकना पड़ा, और भुगतान मिलने के बाद ही कार्य दोबारा शुरू होगा।
गौरतलब है कि 12 खोखा धारकों को स्थायी स्थान देने के उद्देश्य से पिछले वर्ष इस हाट का निर्माण शुरू किया गया था। प्रस्तावित दो मंजिला भवन में 12 दुकानें और एक बहुउद्देशीय हॉल शामिल है। हालांकि ढांचा तैयार हो चुका है, लेकिन रंग-रोगन और अन्य कार्य अभी लंबित है।
खोखाधारकों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।
कोट
ठेकेदार को 15 मई तक निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। भवन का 90 फीसदी कार्य हो गया है। शेष कार्य निर्धारित समय अवधि में पूर्ण कर लिया जाएगा।
-संजय कटोच, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, हमीरपुर
बस अड्डा हमीरपुर के समीप निर्माणाधीन अपनी मंडी ग्रामीण हाट भवन। संवाद
बस अड्डा हमीरपुर के समीप निर्माणाधीन अपनी मंडी ग्रामीण हाट भवन। संवाद