हमीरपुर। ताल भेड़ प्रजनन केंद्र में ब्रूसेलोसिस संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है। सात माह में जांच के दौरान 348 भेड़-बकरियों के नमूने संक्रमित पाए गए हैं। अक्तूबर में जांच के लिए भेजे गए 340 नमूनों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र में प्रजनन बंद कर दी गई है। संक्रमित पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखा गया है। केंद्र के चिकित्सकों समेत 14 अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच भी करवाई गई, जिनकी रिपोर्ट नकारात्मक आई है। इनमें तीन महिला कर्मचारी भी शामिल थीं। इस साल अप्रैल में डीआई लैब मंडी भेजे गए 360 नमूनों में से 200 संक्रमित मिले थे। जुलाई में भेजे गए 424 नमूनों में से 148 में संक्रमण की पुष्टि हुई। केंद्र में ब्रूसेलोसिस के मामले वर्ष 2022 से सामने आने शुरू हुए थे, तब 145 नमूने संक्रमित पाए गए थे। बीमारी की रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं और नियमित जांच हो रही है।
ब्रूसेलोसिस क्या है और पशुओं पर खतरा
ब्रूसेलोसिस नामक बैक्टीरिया से होने वाली एक संक्रामक बीमारी है। यह भेड़-बकरियों के प्रजनन तंत्र को प्रभावित कर सकती है। संक्रमित पशुओं में गर्भपात, कमजोर या मृत बच्चों का जन्म हो सकता है। उन्हें गर्भधारण में परेशानी और प्रजनन क्षमता में कमी जैसी समस्याएं भी आती हैं। कई पशुओं में बीमारी के स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते, जिससे संक्रमण की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
इन्सानों में संक्रमण और बचाव
ब्रूसेलोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाला एक ज़ूनोटिक संक्रमण है। यह पशुओं से इन्सानों में फैलता है। यह बीमारी संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने से फैलती है। उनके दूषित उत्पादों के सेवन से भी इन्सानों में संक्रमण हो सकता है। संक्रमित पशुओं को अलग रखना और उनके संपर्क में आने के दौरान सावधानियां आवश्यक हैं। पशुपालन विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक सुजय शर्मा ने बताया कि ताल भेड़ प्रजनन केंद्र में ब्रूसेलोसिस के मामले धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पशुओं की सेहत में सुधार हो रहा है।