हमीरपुर। मटौर-शिमला फोरलेन के तहत अब नादौन की ब्यास नदी पर नया पुल बनेगा। पुराने पुल से काम चलाने का प्रस्ताव राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टाल दिया है। इसके साथ ही नादौन में 600 मीटर लंबी सुरंग के प्रस्ताव को भी एनएचएआई ने खारिज कर दिया। सुरंग को प्राधिकरण ने अव्यवहारिक और असुरक्षित बताया है। ब्यास नदी पर नए पुल के बाद अब कांगड़ा जिले के तहत आते भड़ोली कस्बे से हमीरपुर जिले के तहत नादौन उपमंडल में आते गगाल गांव तक सीधा सड़क मार्ग बनेगा।
नए पुल के बनने से जहां नादौन शहर में घुमावदार तीखे मोड़ खत्म हो जाएंगे। वहीं सफर भी एक किलोमीटर कम हो जाएगा। इसके लिए एनएचआई ने अपने पहले की डिजाइनिंग में आंशिक बदलाव किया है। इससे पूर्व नादौन के टिल्लू-बेला में 600 मीटर सुरंग प्रस्तावित थी, जो अब नई डिजाइनिंग में हटा दी गई है। एनएचएआई ने मटौर से शिमला के बीच दूरी को कम करने और तीखे मोड़ को खत्म कर सीधा रोड बनाने पर जोर दिया हुआ है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने नए साल के जनवरी में थ्री-डी नोटिफिकेशन का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में मटौर से शिमला के बीच की दूरी 223 किलोमीटर है, जो फोरलेन बनने के बाद 193 किलोमीटर रह जाएगी। फोरलेन की दो नोटिफिकेशन जारी हो चुकी हैं, अब अंतिम थ्री-डी नोटिफिकेशन का इंतजार है। 193 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को पांच चरणों में बांटा गया है। पहला शिमला से शालाघाट, दूसरा शालाघाट से बिलासपुर का नौणी चौक, तीसरा नौणी चौक से हमीरपुर, चौथा हमीरपुर से ज्वालामुखी और पांचवां ज्वालामुखी से मटौर शामिल है। भूमि अधिग्रहण का जिम्मा संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम को दिया गया है। उधर, एनएचएआई (फोरलेन) के परियोजना निदेशक योगेश राउत का कहना है कि नादौन की ब्यास नदी में नया पुल बनाया जाएगा और सुरंग का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनवरी तक थ्री-डी नोटिफिकेशन हो जाएगी।