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मेडिकल कॉलेज होगा शुरू, हमीरपुरवासियों के आए अच्छे दिन

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हमीरपुर। सूबे में सरकारी क्षेत्र में छठे मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ 16 जून को हमीरपुर में होगा। अधिसूचना के चार साल बाद मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से हमीरपुर वासियों के अच्छे दिन आ गए हैं। मार्च 2014 को प्रदेश में एक साथ तीन मेडिकल कॉलेज की अधिसूचना जारी हुई थी। प्रदेश में आईजीएमसी शिमला, टीएमसी कांगड़ा, मंडी के नेरचौक, नाहन और चंबा में मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं। एमबीबीएस की 100 सीटों के साथ डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आरकेजीएमसीएच) हमीरपुर का प्रथम बैच शुरू होगा। क्षेत्रीय अस्पताल के पुराने भवन और मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर ट्रेंनिंग संस्थान (एमपीएचडब्ल्यू) के भवन में अस्थायी तौर पर जुलाई माह में दाखिले के बाद कक्षाएं शुरू होंगी। मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से हमीरपुर के अलावा पड़ोसी जिलों ऊना, बिलासपुर और मंडी जिला के धर्मपुर समेत कांगड़ा जिला देहरा तक लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। लोगों अनीता शर्मा, सावित्री ठाकुर, राज कुमारी, विनोद वर्मा और अशोक शर्मा का कहना है कि पूर्व में हमीरपुर अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को दूसरे अस्पताल में रेफर करने से परेशानियां झेलनी पड़ती थीं। लेकिन अब स्वास्थ्य सुविधाओं में बदलाव आया है।
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आरकेजीएमसीएच हमीरपुर के प्रधानाचार्य डॉ. अनिल चौहान का कहना है कि 16 जून को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार, सांसद अनुराग ठाकुर हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ करेंगे। कॉलेज कक्षाएं शुरू करने को मंजूरी मिल चुकी है, अब शीघ्र ही अन्य खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

कॉलेज के शुभारंभ को एक हफ्ता शेष, सामने हैं कई चुनौतियां
मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ को एक हफ्ता शेष बचा है लेकिन अभी कई चुनौतियां सामने खड़ी हैं। इसमें सबसे बड़ी चुनौती स्टाफ की है। कॉलेज के लिए मेडिकल और पेरामेडिकल स्टाफ समेत कुल 750 पदों को भरने की स्वीकृति मिली है। लेकिन वर्तमान में 250 पद ही भरे जा सके हैं। शेष 500 पद अभी तक खाली चल रहे हैं। कॉलेज फैकल्टी के लिए 105 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में केवल 82 प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर ने ज्वाइन किया है। इसी तरह स्टाफ नर्स के 98 पदों में से 63 खाली हैं। नर्सिंग के 40 पदों में से 15 और ऑफिस स्टाफ में 20 पद खाली चल रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में भवन निर्माण समेत सुविधाएं जुटाने पर 206 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अभी तक केवल 10 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं। नादौन विस क्षेत्र के तहत आते जोलसप्पड़ में 37 एकड़ भूमि मेडिकल कॉलेज के लिए चिह्नित है, जिसमें से 16 एकड़ को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। शेष की प्रक्रिया अभी जारी है।
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