बिझड़ी(हमीरपुर)। टेंडर होने के नौ माह बाद भी महारल दख्योड़ा पेयजल योजना को अपग्रेड करने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। पेयजल स्कीम को आधुनिक बनाने के लिए करीब 10 लाख रुपये से पुरानी मशीनों के स्थान पर नई मशीनों को लगाया जाना है, लेकिन टेंडर होने के बावजूद काम शुरू न होना लोगों को रास नहीं आ रहा है। इस स्कीम के तहत करीब डेढ़ दर्जन गांव आते हैं। इस स्कीम से महारल, दख्योड़ा, सठवीं, खलौत, नुहान, समैला, बग्गी, टिहरी, काली चिक्क, होल्त इत्यादि गांव के लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है। पेयजल स्कीम में पुरानी मोटरें होने के चलते इन गांवों के लोगों को पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
ठेकेदार की लेटलतीफी व मनमर्जी के चलते लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों में संतोष कुमारी, अनीता देवी, राजेश कुमार, पवन कुमार, संजय कुमार, सुनीता देवी, अनीता कुमारी, लता देवी, अशोक कुमार इत्यादि का कहना है कि सर्दियों में भी तीसरे दिन पानी आता ह,ै परंतु वह भी पर्याप्त नही आ रहा है। अगर सर्दियों में ही ऐसा हाल है तो गर्मियों के में क्या हाल होगा। लोगों ने मांग की है कि जल्दी ही पानी की समस्या से निजात दिलाई जाए। इस संदर्भ में सहायक अभियंता आईपीएच विभाग बड़सर सुशील कुमार का कहना है कि संबंधित ठेकेदार को नोटिस भेजा दिया गया है। पेयजल स्कीम में पुरानी मोटरें बदल कर नई मोटरें जल्दी ही लगवा दी जाएंगी। जिससे लोगों को पर्याप्त पानी की आपूर्ति हो जाएगी।