भोरंज में मधुमक्खी पालन के लिए बांटे बॉक्स। स्रोत : जागरूक पाठक
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जाहू (हमीरपुर)। केंद्र सरकार की वित्त पोषित वाटरशेड परियोजना भोरंज ब्लॉक की छह पंचायतों के 30 किसानों को मधुमक्खी पालन से जोड़ रही है। इस व्यवसाय को विकसित करने और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए करीब छह लाख 90 हजार रुपये खर्च होंगे।
भोरंज ब्लॉक की जाहू, भलवानी, बड़ैहर, धिरड़, धमरोल और कक्कड़ पंचायतों को वाटरशेड परियोजना के अधीन लाया गया है। इन पंचायतों में जल संरक्षण, भूसंरक्षण और पर्यावरण सरंक्षण को ओर बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है। इससे इन पंचायतों के गांवों में विकास को नया रूप मिल रहा है।
वहीं, लोगों की आजीविका का साधन भी विकसित हो रहा है। प्रत्येक पंचायत में पांच किसानों का मधुमक्खी पालन से जोड़ा गया है। धिरड़ पंचायत में किसानों को मधुमक्की पालन का एक प्रशिक्षण दिया गया है। प्रत्येक पंचायत में पांच किसानों पर एक लाख 15 हजार रुपये मधुमक्खी पालन के लिए खर्च किए जा रहे हैं। प्रत्येक किसान को पांच बॉक्स मधुमक्खी पालन के साथ, शहद निकालने की मशीन, टेंट, कैप और अन्य सामान दिया जा रहा है। अभी तक केवल बड़ैहर, धिरड़ और जाहू के करीब 15 किसानों को मधुमक्खी बॉक्स वितरित किए गए हैं।
कोट
वाटरशेड परियोजना में मधुमक्खी पालन से लोगों को आय का एक अतिरिक्त साधन उपलब्ध हुआ है। भोरंज की छह पंचायतों में छह लाख 90 हजार रुपये मुधमक्खी पालन पर खर्च किया जा रहे हैं।
-कुलवंत सिंह, खंड विकास अधिकारी, भोरंज